
नर्मदापुरम / सांची दुग्ध संघ भोपाल के अधिकृत पार्लर्स (टप) इन दिनों नर्मदापुरम में नियमों के उल्लंघन और अव्यवस्था का बड़ा केंद्र बन चुके हैं। जिस ब्रांड की पहचान पूरे प्रदेश में शुद्ध दूध और डेयरी उत्पादों के लिए है, उसके पार्लर्स पर अब खुलेआम बीड़ी, सिगरेट और गुटका पाउच का कारोबार फल-फूल रहा है। नियमों की धज्जियां, अवैध कमाई का जरिया सांची दुग्ध संघ के कड़े नियम हैं कि पार्लर का संचालन केवल वही व्यक्ति कर सकता है जिसके नाम पर यह अधिकृत (अलॉट) है। इसे आगे किसी को भी सब-लेट या किराए पर देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, नर्मदापुरम में आवंटियों ने इन बूथों को ऊंचे दामों पर दूसरों को किराए पर दे दिया है।
सांची के प्रॉडक्ट गायब, अन्य सामानों का कब्जा इन पार्लर्स पर….
सांची के मूल उत्पाद केवल नाममात्र के लिए रखे जाते हैं ताकि कार्रवाई से बचा जा सके, जबकि अंदर अन्य कंपनियों के सामान और तंबाकू उत्पाद धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं।
शहर में अन्य जगह निजी स्कूल की छुट्टी के समय यहाँ तंबाकू-गुटका प्रेमियों की भारी भीड़ जुट जाती है।
रास्ते बंद, महिलाएं और बच्चे परेशान….
इस भीड़ के कारण स्कूल से छूटने वाले छोटे बच्चों, महिलाओं और अभिभावकों का रास्ते से निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही स्थिति नेहरू पार्क के पास स्थित पार्लर की भी है, जहाँ आम राहगीरों को भारी असुविधा हो रही है। जांच के घेरे में मूल आवंटी और प्रशासन यह गंभीर मामला सीधे तौर पर सांची दुग्ध संघ की छवि को धूमिल कर रहा है। बिना किसी डर के चल रहे इस अवैध खेल ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। देखना यह है कि नियमों को ताक पर रखकर पार्लर किराए पर चलाने वाले मालिकों और वहां नशा बेचने वालों पर विभाग कब तक एक्शन लेता है।

