
नर्मदापुरम / जनपद शिक्षा केंद्र केसला में पक्षपात और प्रताड़ना सहित बिना नोटिस जनशिक्षक को पद से हटाने का मामला सामने आया है।
जनपद शिक्षा केंद्र केसला के जमानी संकुल में एक नया प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। यहां कार्यरत जनशिक्षक श्रीमती रंजना बामने को बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताओ नोटिस के अचानक प्रतिनियुक्ति से हटा दिया गया है। पीड़िता ने प्रभारी बीआरसीसी श्रीमती रत्ना सोनिया पर मानसिक प्रताड़ना, नियमविरुद्ध पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। कलेक्टर और जिला परियोजना समन्वयक से न्याय की गुहार लगाई है।
यह है पूरा मामला…
श्रीमती रंजना बामने ने कलेक्टर को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि कलेक्टर के आदेश के तहत उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई है। रंजना बामने का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अव्यवहारिक, नियम विरुद्ध और प्रभारी बीआरसीसी रत्ना सोनिया की दुर्भावना पूर्ण मंशा का परिणाम है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें ‘समय सीमा पूर्ण होने का हवाला देकर हटाया गया है, जबकि वर्ष 2020 में नियुक्त अन्य जनशिक्षकों की भी समय सीमा पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, कुछ जनशिक्षक तो वर्ष 2011 से लगभग 15 वर्षों से जमे हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पसंदीदा लोगों को संरक्षण देने का आरोप शिकायत में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि पथरौटा के जनशिक्षक शालीन दास और जमानी के दूसरे जनशिक्षक राजकुमार बघेल के खिलाफ कई लिखित शिकायतें होने के बावजूद प्रभारी बीआरसीसी रत्ना सोनिया उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती जबकि पूरी ईमानदारी से काम करने के बावजूद रत्ना सोनिया द्वारा उन्हें बैठकों में कई बार अपमानित किया गया और सभी जनशिक्षकों के सामने ‘पद से हटा देने’ की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। रंजना बामने ने जिला परियोजना समन्वयक को भी एक आवेदन पत्र सौंपकर मांग की है कि उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के लिए प्रभारी बीआरसी केसला द्वारा तैयार किए गए प्रतिवेदन, कलेक्टर के आदेश और विभाग द्वारा चलाई गई नोटशीट की प्रमाणित छायाप्रति उन्हें जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए ताकि वह स्थिति को स्पष्ट कर सकें। पीड़िता ने मांग की है कि उनके साथ न्याय करते हुए उन्हें वापस जनशिक्षक के पद पर बहाल किया जाए।

