







नर्मदापुरम / नर्मदापुरम जिला अधिवक्ता संघ के द्विवार्षिक चुनाव के परिणाम गुरुवार को घोषित हो गए हैं। इस बार के चुनाव में सुरेंद्र सिंह राजपूत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड मतों से अध्यक्ष पद पर शानदार विजय हासिल की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक घोषणा के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को वकीलों ने बधाई दी।
हालांकि सीनियर अधिवक्ता एस एस ठाकुर के दुखद देहांत हो जाने के कारण, वकीलों ने संवेदनशीलता का परिचय दिया और जीत के बाद पारंपरिक रूप से होने वाले फूल-मालाओं व आतिशबाजी के उल्लास से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। अधिवक्ताओं ने बेहद सादगी और शालीनता के साथ एक-दूसरे को गले मिलकर चुनावी सफलता की बधाई दी।
वरिष्ठ और युवा वकीलों में दिखा भारी उत्साह, 481 ने किया मतदान….
इससे पहले बुधवार को जिला अधिवक्ता संघ के विभिन्न पदों के लिए सुबह 10 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई थी। वोटिंग को लेकर कोर्ट परिसर में सुबह से ही भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गहमा-गहमी का माहौल रहा। कतारों में जहां एक तरफ बेहद वरिष्ठ वकील खड़े नजर आए, वहीं दूसरी तरफ युवा वकीलों में भी अपने नए नेतृत्व को चुनने के लिए भारी उत्साह देखा गया। संघ की मतदाता सूची के मुताबिक कुल मतदाताओं की संख्या 578 थी, जिसमें से 481 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का सजगता से उपयोग किया, जबकि 97 अधिवक्ता मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सके। मतदान संपन्न होने के बाद सभी प्रत्याशियों की मौजूदगी में मतपेटियों को पूरी सुरक्षा के साथ सील कर दिया गया था।
सुरक्षित माहौल में चली काउंटिंग, न्यायाधीश भी पहुंचे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, गुरुवार सुबह 10 बजे से मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस.एस. पटेल और सहायक निर्वाचन अधिकारी राजेश अग्रवाल की देखरेख में मतगणना की प्रक्रिया शुरू की गई। सुरक्षा और निष्पक्षता के कड़े मापदंडों के बीच न्यायालय परिसर के भीतर सुरक्षित भवन (काउंटिंग रूम) में मतों की गिनती का कार्य बेहद शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा। मतगणना के दौरान चुनाव की पारदर्शिता और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला न्यायालय के माननीय न्यायाधीश भी मतगणना स्थल पर पहुंचे।
चुनावी मुकाबले के बाद नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की स्थिति कड़े मुकाबले के बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा घोषित किए गए परिणामों के अनुसार नई कार्यकारिणी इस प्रकार है….
अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव और मनोज जराठे को शिकस्त देकर सुरेंद्र सिंह राजपूत रिकॉर्ड मतों से विजयी रहे। उपाध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर और केशव सिंह चौहान के सामने नीरज पटेल ने बाजी मारी और उपाध्यक्ष चुने गए। सचिव आशीष सिंह ठाकुर और मोहन लाल यादव को पीछे छोड़ते हुए अनुपम दुबे ने सचिव पद पर जीत दर्ज की। कोषाध्यक्ष (महिला आरक्षित) कुमारी प्रमिला शर्मा और सुश्री शमशाद खान के मुकाबले श्रीमती गुरप्रीत कौर विजयी घोषित हुईं। ग्रंथपाल इस पद के लिए सौरभ तिवारी एकमात्र प्रत्याशी थे, जिसके चलते उन्हें पहले ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया था।
कार्यकारिणी सदस्य कार्यकारिणी के पदों के लिए श्रीकांत रघुवंशी, श्रीमती नीता चौधरी, बालकराम अहिरवार, लखन लाल कीर, प्रशांत गोहला, श्रीमती दीप्ति राठौर और आनंद गिरी मैदान में थे, जिसमें सलोनी अग्रवाल, दीप्ति राठौर, श्रीकांत रघुवंशी, प्रशांत गोहला, आनंद गिरी ने जीत दर्ज की।
चुनाव में सह-सचिव पद के लिए राकेश शर्मा और सी.के. कुरापा के बीच सीधी और कांटे की टक्कर देखी जा रही थी। श्री कुरापा राकेश शर्मा से एक वोट से जीत दर्ज की। सभी विजेताओं को अधिवक्ताओं ने शुभकामनाएं प्रेषित की। सलोनी अग्रवाल को कार्यकारिणी सदस्य बनने पर अनूप सिंह तोमर, अनंत तिवारी, सरदार लोवंशी, दीपक अग्रवाल, महेंद्र चौरे, श्यामकांत बटे, आशीष तिवारी, योगेन्द्र पाल, राहुल दामले, राजा जैन, मोनिका, कंचन, रजनी ने शुभकामनायें दी।

