

नर्मदापुरम / पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी उद्देश्य को लेकर आज दिनांक 15 जुलाई 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर (नर्मदापुरम) में प्रखर इको क्लब’ के तत्वावधान में गरिमामयी माहौल में ‘इको क्लब दिवस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों से लेकर अतिथियों तक सभी ने प्रकृति को सहेजने का संकल्प लिया।
शपथ और पौधारोपण से हुआ पर्यावरण यज्ञ का शुभारंभ….
कार्यक्रम का आगाज उपस्थित जनसमुदाय, शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा ली गई एक सामूहिक पर्यावरण संरक्षण शपथ से हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि मयंक तोमर व मोहम्मद अकरम खान तथा विशिष्ट अतिथि श्रीमती गीता पठारिया ने संस्था के प्राचार्य बी. पी. पठारिया के साथ मिलकर विद्यालय परिसर में सघन वृक्षारोपण किया। अतिथियों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा का दायित्व भी स्वीकारा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन इको क्लब दिवस को यादगार बनाने के लिए विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
कक्षा 6 की छात्राओं ने अत्यंत लोकप्रिय पर्यावरण केंद्रित रचना फूलों ने पूछा बूंद से पर बेहद मनमोहक और सुंदर नृत्य प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। शिक्षिका श्रीमती मनीषा वानखेड़े एवं श्रीमती लक्ष्मी बावरिया ने सुमधुर आवाज़ में प्रेरणादायक पर्यावरण गीतों की प्रस्तुति देकर पूरे माहौल को संगीतमय और प्रकृति-मयी बना दिया।
प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं हुए पुरस्कृत….
इस विशेष अवसर पर बच्चों की वैचारिक और रचनात्मक क्षमता को निखारने के लिए निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य विषय ‘पर्यावरण संरक्षण’ था। बच्चों ने कैनवास और कागजों पर अपनी कल्पनाओं के जरिए पर्यावरण बचाने की मार्मिक अपील की। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथियों और प्राचार्य बी.पी. पठारिया द्वारा मंच से पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया गया। मंच संचालन और गरिमामयी उपस्थिति इस शानदार और सुव्यवस्थित कार्यक्रम का मंच संचालन रोहित तिवारी एवं श्रीमती ममता कमाले ने संयुक्त रूप से अपनी चिरपरिचित शैली में किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की इको प्रभारी श्रीमती सविता दुबे, श्रीमती मीरा राजवंशी, श्रीमती सुनीता बादे सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक साथियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल बच्चों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाता है, बल्कि समाज को भी हरी-भरी पृथ्वी का संदेश देता है। रायपुर स्कूल की यह पहल अत्यंत सराहनीय है।

