
नर्मदापुरम / दिनांक 15 जुलाई 2026 दिन बुधवार को मांझी मछुआ कल्याण समिती इटारसी के अध्यक्ष मोहन रायकवार (मछुआ मित्र) ने बताया की मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग भोपाल द्वारा जारी मंत्रि परिषद आदेश क्र. 1 (दिनांक 2 मार्च 2026) के अनुपालन में, मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 की योजना के त्वरित में नर्मदापुरम जिले में क्रियान्वयन की मांग की है। इस संबंध में मोहन रायकवार (मछुआ मित्र) ने डाॅ. मोहन यादव मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन, नारायण सिंह पवार मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास पालन मंत्री, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन मंत्रालय भोपाल नर्मदापुरम आयुक्त (कमिश्नर) एवं कलेक्टर सभी को विस्तृत आवेदन देकर मुख्य मांग है की है कि नई मत्स्य उधोग नीति 2026 की योजना के तहत नर्मदापुरम जिले के जिन जलाशयों में हितग्राही माॅडल एवं उधोग माॅडल के तहत ‘केज कल्चर तकनीक लगाने के लिए चिन्हित किया गया है। उनके आमंत्रित आवेदन हेतु राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय समाचार पत्रों में तुरंत शासकीय आमंत्रण सूचना (विज्ञप्ति) प्रकाशित की जाए। पारदर्शी के साथ योजना के नियमानुसार अवधि में आवेदन लिया जाए। मछुआमित्र मोहन रायकवार ने बताया की इस मध्यप्रदेश शासन व्दारा इस नई मत्स्य नीति 2026 का मुख्य उद्देश्य स्थानीय और पारंपरिक मछुआरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यदि समय पर केज कल्चर योजना के स्थापना की प्रक्रिया शुरू होती है, जिसका लाभ जिले के सैकड़ों वंशानुगत ढीमर, केवट, कहार समाज के मछुआरा परिवारों को आधुनिक रोजगार मिलेगा और उनकी आजीविका में सुधार होगा। मछुआमित्र मोहन रायकवार ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और इसमें क्रमानुसार प्रथम केवल स्थानीय वंशानुगत ढीमर केवट कहार समाज के मछुआरों तथा उनकी सहकारी समितियों को ही प्राथमिकता दी जाए।

