
नर्मदापुरम / आरोग्य के संवर्धन और बाल स्वास्थ्य के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए आरोग्य भारती, नर्मदापुरम द्वारा साईंश्याम आयुर्वेद अस्पताल में स्वर्ण प्राशन का निःशुल्क शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर प्रातः 11:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक संचालित हुआ, जिसमें नगर के अभिभावकों एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर आयुर्वेदाचार्य डॉ. गौरव वर्मा एवं श्रीमती कामिनी वर्मा के मार्गदर्शन में लगभग 100 बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया गया। आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा पर आधारित स्वर्ण प्राशन को बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यह न केवल बच्चों की मानसिक एवं शारीरिक वृद्धि को सुदृढ़ करता है, बल्कि उनकी स्मरण शक्ति, पाचन तंत्र तथा नर्वस सिस्टम को भी सशक्त एवं संतुलित बनाए रखने में सहायक होता है।
शिविर पूर्णतः निःशुल्क रखा गया, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को इस आयुर्वेदिक लाभ से जोड़ा जा सके। आरोग्य भारती, नर्मदापुरम के सचिव योगाचार्य राकेश चौहान ने बताया कि यह नगर में आरोग्य भारती का प्रथम स्वर्ण प्राशन अभियान है, जिसमें 100 बच्चों को लाभान्वित किया गया। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए इस प्रकार की आयुर्वेदिक पद्धतियों को अपनाने हेतु जागरूक रहें।
कार्यक्रम में आरोग्य भारती के सभी सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आयोजन नर्मदापुरम में आयुर्वेद के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्वास्थ्य के प्रति समाज की सकारात्मक सोच का प्रतीक है।

