
नर्मदापुरम / शहर के व्यस्ततम मीनाक्षी चौक पर स्थानीय प्रशासन द्वारा यातायात को सुगम बनाने के लिए किए गए सड़क चौड़ीकरण कार्य की आड़ में नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा भारी बंदरबांट और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि नियमों और न्यायालय के आदेशों को ठेंगा दिखाकर एक गरीब दुकानदार की वैध पट्टे की जमीन को आधा कर दिया गया और बची हुई कीमती जमीन पर मोटी घूस लेकर रसूखदारों के अवैध टप रखवा दिए गए हैं। इस पूरे मामले में राजनैतिक संरक्षण और प्रशासनिक मिलीभगत के चलते पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
जेसीबी से तोड़ी 20 साल पुरानी पक्की दुकान….
पीड़ित प्रकाश मालवीय मीनाक्षी चौक स्थित भूखंड क्र. 3/1 (नजूल भूमि पट्टे) पर पिछले 20 वर्षों से ‘प्रकाश इलेक्ट्रिकल्स & इलेक्ट्रॉनिक्स’ नाम से 100 वर्ग फुट की पक्की दुकान का संचालन कर रहे थे। दुकान से जुड़े सभी वैध दस्तावेज, क्रय किया गया स्टांप और बिजली बिल उनके पास मौजूद हैं। रोड के चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ, तो नगर पालिका ने नोटिस देकर उनकी दुकान को ढहा दिया। नियम के मुताबिक, सड़क चौड़ी होने के बाद सभी दुकानदारों को उनकी पात्रता के अनुसार पीछे उतनी ही जगह आवंटित की जानी थी। लेकिन जब जमीन वापस देने की बारी आई, तो नगर पालिका के कर्मचारियों ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए प्रकाश मालवीय को 10 फीट के बजाय महज 5 फीट जगह दी।
न्यायालय का ‘स्टे ऑर्डर’ भी बेअसर, जबरन कब्जा कराया….
पीड़ित प्रकाश मालवीय ने न्यायालय की शरण ली और वहां से स्थगन आदेश भी प्राप्त कर लिया। इसके बावजूद, नगर पालिका कर्मचारी सुनील राजपूत और अन्य स्टाफ ने कोर्ट के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ा दीं। आरोप है कि नपा कर्मचारियों ने कुछ रुपयों का लेन-देन कर प्रकाश मालवीय की निजी आवंटित जमीन के हिस्से पर जबरन पप्पू यादव पान वाले की गुमठी रखवाकर अतिक्रमण करवा दिया।
नपा अध्यक्ष से रिश्तेदारी और ‘मोटी रकम’ का खेल…
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि पीड़ित प्रकाश मालवीय द्वारा नगर पालिका, नजूल विभाग, कलेक्टर और कमिश्नर तक लिखित शिकायतें किए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इसके पीछे की मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि जिस पप्पू यादव का टप वहां अवैध रूप से रखवाया गया है, वह कथित तौर पर नगर पालिका अध्यक्ष नीतू यादव का करीबी रिश्तेदार है। चौड़ीकरण के बाद पीछे बची हुई सरकारी और खाली जमीनों पर नगर पालिका के अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपने चहेतों और रिश्तेदारों के लगभग आधे दर्जन से अधिक अवैध टप रखवा दिए हैं। इसके बदले में बाजार में अच्छी-खासी मोटी रकम वसूली गई है और कुछ लोगों को तो अंदरखाने जगह भी बेच दी गई है। इन नए टपों के कारण जो पुराने दुकानदार थे, उनकी सीमाएं छोटी कर दी गई हैं।
जांच हुई तो खुलेगा भ्रष्टाचार का बड़ा घड़ा….
प्रकाश मालवीय का कहना है कि दुकान आधी रह जाने और उस पर भी दूसरों का कब्जा हो जाने के कारण उनके सामने अपने परिवार का पालन-पोषण करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित ने 23 जनवरी 2024 को जिला कलेक्टर कार्यालय में भी आवेदन देकर उचित कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब पीड़ित हाई कोर्ट की शरण लेने की तैयारी कर रहे हैं। जागरूक नागरिकों का कहना है कि मीनाक्षी चौक पर ट्रैफिक का बहाना बनाकर जो खेल खेला गया है, यदि उसकी किसी स्वतंत्र एजेंसी से बारीकी से जांच कराई जाए, तो नपा के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय रसूखदारों के बीच चल रहे इस अवैध टप सिंडिकेट और भ्रष्टाचार की पूरी सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी। सुनील राजपूत फिलहाल जेल में है। इस पूरे कांड में नगर पालिका के अधिकारियों की मिली भगत से इनकार नहीं किया जा सकता।

