
नर्मदापुरम / पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और भावी पीढ़ी को शुद्ध हवा का उपहार देने के संकल्प के साथ अखिल भारतीय कायस्थ समाज मातृशक्ति और पुरुष वर्ग ने रविवार को एक मुहिम की शुरुआत की। टेलीफोन एक्सचेंज स्थित पानी की टंकी के पास बने पार्क में समाज के लोगों ने विभिन्न प्रजातियों के फलदार और छायादार पौधे रोपे। इस अवसर पर सामाजिक मातृ शक्तियों ने निर्णय लिया कि मानसून के इस मौसम का पूरा लाभ उठाते हुए अब ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम पर हर रविवार को शहर के अलग-अलग वार्डों और सार्वजनिक स्थानों पर निरंतर पौधारोपण किया जाएगा।
हरियाली से ही समृद्ध होगा हमारा कल….
समाज की मातृशक्ति अध्यक्ष ज्योति अभय वर्मा ने समाज और शहर के लोगों से कहा “वृक्ष हैं तो ही हमारा अस्तित्व है। आज कंक्रीट के बढ़ते जंगलों के बीच हमें प्रकृति को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करने होंगे। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधों को जमीन में रोपने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपनी मां के प्रति सम्मान और धरती माता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। हमारी मातृशक्ति ने यह बीड़ा उठाया है कि भारी बारिश के इस मौसम में हम हर रविवार शहर के कोने-कोने को हरा-भरा बनाएंगे। विजय वर्मा कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी विजय वर्मा ने पौधों के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा हमारे हिंदू सनातन धर्म और प्राचीन ग्रंथों में प्रकृति को साक्षात ईश्वर का रूप माना गया है। पीपल, बरगद, नीम और तुलसी जैसे कई वृक्ष हैं, जिनमें देवताओं का वास होता है और सदियों से हम इनकी पूजा करते आ रहे हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी पेड़ हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं। इस मौके पर प्रीती खरे ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हमें पौधे लगाना चाहिए। नगर पालिका उपाध्यक्ष सहित कई गणमान्य नागरिक रहे । इस मौके पर कायस्थ समाज के अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास्तव और नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा ने भी इस अभियान की सराहना की और इसे नगर के लिए एक अनुकरणीय पहल बताया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी विजय वर्मा, प्रीती खरे, रितु श्रीवास्तव, अशोक वर्मा, सुनील राय, मनोज वर्मा, श्रीमती मंजू श्रीवास्तव, श्रीमती ममता तिवारी, गुड्डू वर्मा, प्रदीप गुप्ता, आदित्य, लालता प्रसाद, जानकी, लक्ष्मी वर्मा, रश्मि वर्मा, सीबी खरे, केशव वर्मा, श्रीमती आशा राजपूत भजन गायिका सहित अखिल भारतीय कायस्थ समाज के अनेक पदाधिकारी, मातृशक्ति और प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।

