


इटारसी / नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा AHP के-16 प्रधानमंत्री आवास मल्टी का निरीक्षण कर रहवासियों से मुलाकात करने एवं मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेने संबंधी जानकारी सामने आने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्य ने भी मौके पर पहुंचकर मल्टी परिसर का विस्तृत अध्ययन किया तथा रहवासियों से चर्चा की। इस दौरान जो वास्तविक स्थिति सामने आई, उसने कई गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया।
अध्ययन के दौरान पाया गया कि मल्टी के पीछे स्थित सीवेज चेंबर क्षतिग्रस्त एवं खुला हुआ है। चेंबर से लगातार गंदा पानी रिसकर बाहर फैल रहा है, जिससे पूरे परिसर और आसपास की बस्तियों में दुर्गंध का वातावरण बना हुआ है। यह स्थिति स्वास्थ्य की दृष्टि से भी चिंता का विषय है।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि मल्टी की छत पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। छत पर पर्याप्त ढलान नहीं होने के कारण वर्षा एवं अन्य स्रोतों का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। अधिक पानी भरने पर वह दीवारों से रिसकर नीचे आता है, जिससे कई मकानों में लगातार सीलन की समस्या बनी हुई है।
रहवासियों ने बताया कि विशेष रूप से फ्लैट क्रमांक 13, 14, 15 एवं 16 में दीवारों पर नमी और सीलन लगातार बढ़ रही है। वहीं भवन को बने लगभग तीन वर्ष ही हुए हैं, लेकिन कई स्थानों पर दरारें भी दिखाई देने लगी हैं, जिससे निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इन समस्याओं की शिकायत पूर्व में भी नगर पालिका को कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान समस्याओं की जानकारी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को भी दी गई थी।
अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्य ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष का निरीक्षण स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन निरीक्षण की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब मौके पर चिन्हित समस्याओं का समयबद्ध और स्थायी समाधान भी किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य केवल मकान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लाभार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से मांग की कि खुले सीवेज चेंबर को तत्काल सुरक्षित किया जाए, सीवेज लीकेज रोकी जाए, छत पर वैज्ञानिक ढंग से जल निकासी की व्यवस्था बनाई जाए, सीलन एवं दरारों की तकनीकी जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कराई जाए तथा इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि प्रधानमंत्री आवास में निवासरत परिवारों को वास्तविक राहत मिल सके।
“निरीक्षण की सार्थकता तभी है, जब समस्याएं केवल देखी न जाएं, बल्कि उनका समाधान भी धरातल पर दिखाई दे।”
अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्य….
