
नर्मदापुरम / लोक निर्माण विभाग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन कलेक्टर कार्यालय के रेवासभा कक्षा में किया गया।
प्रभारी मंत्री श्री सिंह ने जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं शासन की योजनाओं सहित कृषि, उद्योग, सड़क, आपदा प्रबंधन, उपार्जन, खाद वितरण सहित विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की।
प्रभारी मंत्री श्री सिंह ने उद्योग विभाग एवं एमपीआईडीसी द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नर्मदापुरम को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में नर्मदापुरम एक विकसित इंडस्ट्रियल हब के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने जिले में बासमती चावल के उत्पादन एवं निर्यात की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक मे नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, सिवनी मालवा विधायक प्रेमशंकर वर्मा, सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू यादव, जनपद पंचायत अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे, सुश्री राजो मालवीय, माधव अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस थोटा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन, वनमंडलाधिकारी गौरव शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रभारी मंत्री ने मोहसा हासा-बाबई क्षेत्र में प्रस्तावित फूड पार्क के लिए पूर्व में आवंटित उन भूखंडों की समीक्षा करने के निर्देश दिए, जहां अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। ऐसे प्रकरणों में संबंधित संस्थाओं को नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके उत्पादों के विपणन के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने प्रत्येक पंचायत में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की जानकारी एवं संपर्क विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि नागरिक सीधे उनसे उत्पाद खरीद सकें और किसानों को उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के नियमों, प्रमाणन प्रक्रिया तथा इसके लाभों के व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने कृषि विभाग को विकासखंड स्तर पर प्राकृतिक खेती संबंधी प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने तथा उनके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, जिससे अधिक से अधिक किसान इन शिविरों का लाभ उठा सकें। उन्होंने उप संचालक कृषि को इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आपदा प्रबंधन की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने वर्षा ऋतु में संभावित बाढ़ को देखते हुए संवेदनशील एवं डूब प्रभावित क्षेत्रों का पूर्व आकलन कर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बताया कि जिले में अति वर्षा की स्थिति और अन्य आपदा प्रबन्धन के अंतर्गत बचाव एवं जनजागरूकता के लिए शीघ्र ही एक नवाचार प्रारंभ किया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिकों को आवश्यक सावधानियों एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर जिले में ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना के लिए संबंधित विभागों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने क्षतिग्रस्त सड़कों के शीघ्र संधारण, गारंटी अवधि में खराब हुई सड़कों पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई तथा ऐसे पुलों के सुधार की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, जो मामूली वर्षा में ही जलमग्न हो जाते हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा बताई गई समस्याओं का गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा भी प्रभारी मंत्री श्री सिंह द्वारा की गई। इस दौरान कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बताया कि जिले में एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से किसानों को खाद का वितरण सुचारु रूप से किया जा रहा है तथा सीएससी एवं लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि किसान स्वयं भी घर बैठे पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। बैठक में बताया गया कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष जिले में डेढ़ लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन हुआ है, जो उल्लेखनीय उपलब्धि है। किसानों के भुगतान के लिए 1504 करोड़ रुपये के ईपीओ जारी किए जा चुके हैं तथा शेष भुगतान भी शीघ्र जारी किए जाएंगे।
प्रभारी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन स्तर पर हल होने वाली समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों एवं विधायकों द्वारा उठाई गई समस्याओं का गंभीरता से निराकरण किया जाए तथा जिन मामलों में शासन स्तर पर निर्णय अपेक्षित हो, उनके विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रेषित किए जाएं।

