


नर्मदापुरम / स्थानीय कोठी बाजार स्थित पोस्ट ऑफिस के पास बने ऐतिहासिक ‘लाल बंगला’ परिसर में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब कुछ असामाजिक तत्वों और भाड़े के बदमाशों ने एक पुश्तैनी मकान का ताला तोड़कर भारी उत्पात मचाया। बदमाशों ने वहाँ रह रहे एक बुजुर्ग सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उनके घर का सारा सामान निकालकर सड़क पर फेंक दिया। इस पूरे मामले में सबसे शर्मनाक रवैया स्थानीय कोतवाली पुलिस का रहा, परेशान बुजुर्ग की रिपोर्ट लिखने के बजाय उन्हें डांटकर थाने से भगा दिया गया ।
ताला खोलने पहुंचे थे बुजुर्ग, पहले से घात लगाए बैठे थे गुंडे….
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित द्वारका प्रसाद मालवीय (सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी) गुरुवार को लाल बंगला स्थित अपने निवास पर कुछ जरूरी सामान निकालने के लिए पहुंचे थे। वे जैसे ही ताला खोलने वाले थे, तभी इटारसी और नर्मदापुरम के कुछ नामी ग्रामी असामाजिक तत्व और भाड़े पर बुलाए गए दर्जनों लोग वहां आ धमके। इन लोगों ने जबरन मकान का ताला तोड़ दिया और घर के अंदर रखा पूरा सामान सड़क पर फेंकना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उनसे धक्का मुक्की की, बुजुर्ग दंपत्ति दोनों बीमार जब पीड़ित द्वारका प्रसाद मालवीय ने इस गुंडागर्दी का विरोध किया, तो बदमाशों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। बुजुर्ग के साथ जमकर हाथापाई की गई। पीड़ित ने बताया कि वह स्वयं गंभीर रूप से मधुमेह (डायबिटीज) के मरीज हैं और उनकी पत्नी भी लंबे समय से अस्वस्थ हैं। बिना किसी कानूनी नोटिस या पूर्व सूचना के इस तरह की हिंसक कार्रवाई से बुजुर्ग दंपत्ति गहरे सदमे में हैं। उनका पूरा सामान अभी भी खुले आसमान के नीचे सड़क पर पड़ा हुआ है।
“यह हमारा पुश्तैनी मकान है” पीड़ित द्वारका प्रसाद मालवीय ने बताया,
“इस बंगले में हमारे सभी भाइयों का हिस्सा है। इटारसी में रहने वाले मेरे बड़े भाई से इस विषय में आपसी समझौते की बातचीत चल रही थी। लेकिन उन्होंने मेरी बात सुनने के बजाय बाहर के असामाजिक तत्वों से मिलकर मुझ पर जानलेवा हमला करवाया। मेरी कोई गलती नहीं थी, फिर भी मेरा घर उजाड़ दिया गया।” ‘पारिवारिक मामला’ बताकर कोतवाली पुलिस ने मोड़ा मुंह। घटना के बाद जब पीड़ित बुजुर्ग न्याय की आस में स्थानीय कोतवाली थाने पहुंचे, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों का रवैया संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पर था। पुलिसकर्मियों ने बुजुर्ग की फरियाद सुनने और उनकी चोटें देखने के बजाय उन्हें डांट-फटकार लगाना शुरू कर दिया। पुलिस ने इसे “पारिवारिक मैटर” बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया। पीड़ित ने चीख-चीख कर कहा कि उनके साथ सरेआम मारपीट हुई है, लेकिन पुलिस का दिल नहीं पसीजा। सोमवार को एसपी से होगी शिकायत, स्थानीय पुलिस के इस अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के बाद अब पीड़ित सेवानिवृत्त अधिकारी ने न्याय के लिए उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। वे आने वाले सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे और दोषियों सहित लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।

