
नर्मदापुरम / नर्मदापुरम के प्रतिष्ठित शासकीय गृह विज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में भारी वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का एक बड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा सरकारी बजट और जनभागीदारी समिति के माध्यम से की गई खरीद प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखकर लाखों रुपये की हेराफेरी की गई है। इस पूरे मामले में सीधे तौर पर कॉलेज की प्राचार्य की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। खेल सामग्री खरीदी के नाम पर हुआ बड़ा खेल सामने आई जानकारी के अनुसार, छात्राओं के खेल कौशल को बढ़ावा देने और खेल गतिविधियों के संचालन के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले बजट में बड़े स्तर पर धांधली की गई है। खेल सामग्री की खरीदी में स्थापित क्रय नियमों और पारदर्शिता की जमकर अनदेखी की गई। घटिया स्तर की सामग्री को अत्यधिक दामों पर क्रय दिखाकर शासकीय और जनभागीदारी निधि से लाखों रुपये का घोटाला किए जाने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो खेल विभाग के अलावा कॉलेज के अन्य प्रशासनिक और विकास मदों से निकाली गई राशि में भी बड़े स्तर पर घालमेल की आशंका है, जिसकी बारीकी से जांच की जा रही है।
विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा ने लिया संज्ञान, कॉलेज पहुंचकर की पूछताछ……
भ्रष्टाचार की शिकायतें आम होने और मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा स्वयं गुरुवार को शासकीय गृह विज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय पहुंचे। उन्होंने सीधे प्राचार्य से मुलाकात कर इस पूरे मामले की वस्तुस्थिति जानी। विधायक ने खरीदी से जुड़े दस्तावेजों, निविदा प्रक्रियाओं और स्टॉक रजिस्टरों के संबंध में कड़ी पूछताछ की। विधायक के इस औचक कदम से कॉलेज प्रशासन और स्टाफ में हड़कंप मच गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री और कमिश्नर तक पहुंची गूंज, तहसीलदार ने सौंपी जांच रिपोर्ट इस बड़े घोटाले की गूंज अब भोपाल तक सुनाई दे रही है। कॉलेज में हो रहे इस भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर, संभाग आयुक्त (कमिश्नर) और उच्च शिक्षा मंत्री तक पहुंच चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर के सख्त निर्देश पर तहसीलदार सरिता मालवीय ने तत्काल कॉलेज पहुंचकर प्रारंभिक जांच पूरी की और सभी संदेहास्पद दस्तावेजों को खंगालकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। दोषियों पर बड़ी कार्रवाई के संकेत प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि तहसीलदार की जांच रिपोर्ट और अन्य मदों से निकाली गई राशि की जांच की समीक्षा की जा रही है। यदि वित्तीय हेराफेरी और नियमों का उल्लंघन पूरी तरह सिद्ध हो जाता है, तो कॉलेज प्रबंधन, प्राचार्य व जिम्मेदार अधिकारियों पर निलंबन और कानूनी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई होना तय है।
इनका कहना…
खेल सामग्री शासकीय मद के पैसे से ही खरीदी गई है, जन भागीदारी समिति से नहीं खरीदी है, शाम को खेल सामग्री कॉलेज में आ भी गई है।
डॉ. कामिनी जैन,
प्राचार्य, शासकीय गृह विज्ञान महाविद्यालय , नर्मदापुरम।

