चार माह से गर्भवती थी नाबालिग
दयाराम फौजदार रिपोर्टर राज एक्सप्रेस नर्मदापुरम।
नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को धारा 5J(ii)/6 पाक्सो एक्टर में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया गया। माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट 25 जून को निर्णय पारित करते हुए आरोपी बाबू उर्फ रंजीत यादव को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया है। इस प्रकरण में आरोपी 16 वर्षीय अवयस्क पीड़िता के घर जाकर उसके साथ कई बार जबरदस्ती कर बलात्कार किया था, जिससे अभियोक्त्री 4 माह से गर्भवती हो गई थी। घटना की लिखित रिपोर्ट अभियोक्त्री ने थाना देहात नर्मदापुरम में की थी। थाना देहात द्वारा अभियोक्त्री की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई थी और आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्या्यालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण की विवेचना के दौरान थाना देहात पुलिस ने एकत्रित किये गये नमूने का डी.एन.ए.परीक्षण कराया था जिसमें आरोपी द्वारा अभियोक्त्री के साथ बलात्कार करने और उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोक्त्री एवं अन्य साक्षी पक्ष विरोधी हो गये थे। इसके बाद भी शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक/अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी लखन सिंह भवेदी ने डी.एन.ए. रिपोर्ट को माननीय न्यायालय में संदेह से परे साबित किया था और माननीय न्यायालय के समक्ष अपने तर्के प्रस्तुत किये थे, जिनसे सहमत होकर माननीय न्यायालय ने अभियोजन मामले को संदेह से परे प्रमाणित मानकर आरोपी को सजा सुनाई।

