
इटारसी / महेश्वरी समाज द्वारा भगवान महेश (शिव) के प्राकट्य दिवस महेश नवमी का पर्व इस वर्ष बड़े ही उत्साह, श्रद्धा एवं भव्यता के साथ मनाया गया। कार्यक्रमों में समाज के सभी आयु वर्ग के लोगों की सक्रिय सहभागिता एवं उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल गौशाला में गोमाता के पूजन एवं उन्हें चारा खिलाकर किया गया। इसके पश्चात एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो गौशाला से प्रारंभ होकर इटारसी नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई द्वारकाधीश मंदिर पहुंची। वहां भगवान के दर्शन एवं पूजन-अर्चन के साथ यात्रा का समापन हुआ। इस अवसर पर जरूरतमंद लोगों को नाश्ता भी वितरित किया गया।
सायंकाल होटल द पार्क में आयोजित मुख्य समारोह का शुभारंभ भगवान शिव के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। पूजन कार्यक्रम में घनश्याम जी आगर, सुशील जी सोमानी, मीना राठी एवं बांगड़ आंटीजी ने सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के प्रारंभ में रेखा राठी, रमेश चांडक एवं मंगीलाल मालपानी ने उपस्थित समाजजनों को महेश नवमी की शुभकामनाएं दीं। मुख्य अतिथि के रूप में नर्मदापुरम से पधारे डॉ. राजेश महेश्वरी ने समाज को संबोधित किया। वहीं विजय राठी ने अखिल भारतीय महेश्वरी महासभा की गतिविधियों एवं आगामी योजनाओं की जानकारी दी। मुख्य अतिथि ने समाज की योजनाओं का केंद्र युवावर्ग को बनाने पर विशेष बल दिया।
इसके पश्चात महेश्वरी महिला मंडल के नेतृत्व में नवरसों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित समाजजनों ने खूब सराहा।
वात्सल्य रस – स्नेहल राठी,
करुण रस – जयश्री आगर,
रौद्र रस – राधिका मोलासरिया एवं पवित्रा महेश्वरी,
हास्य रस – विपिन चांडक, राखी चांडक एवं शुभ्रा चांडक,
भयानक रस – रिद्धि, रमन, शुभिका एवं श्रीनित्या,
श्रृंगार रस – प्रियंका मोलासरिया, रीना बंग, रितु राठी एवं महिमा बिरला।
शांत रस – सुधा बिरला, मंजू सोमानी, मीना राठी एवं रेनू मालानी
अद्भुत रस – की प्रस्तुति में शुभ्रा चांडक ने जोधपुर में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम की जानकारी साझा की, जिसमें दो दिनों में लगभग चार लाख लोगों ने भोजन ग्रहण किया, किंतु पाँच किलोग्राम भी भोजन व्यर्थ नहीं गया। यह उदाहरण महेश्वरी समाज के प्रसिद्ध संदेश “उतना ही लो थाली में, व्यर्थ न जाए नाली में” को सार्थक करता हुआ दिखाई दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती शुभ्रा चांडक ने किया। अंत में सभी समाजजनों ने प्रसादी ग्रहण की तथा आपसी सौहार्द एवं भाईचारे के साथ महेश नवमी पर्व का आनंद लिया।
महेश नवमी महोत्सव ने समाज की एकता, सांस्कृतिक समृद्धि एवं सामाजिक सेवा की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

