
नर्मदापुरम / बुधनी मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा’ के तहत नर्मदापुरम जिले में पहला ऐतिहासिक एयरलिफ्ट ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिले के रसूलिया अंतर्गत शिवाजी नगर निवासी 83 वर्षीय बुजुर्ग रामगोपाल टोकसे, जो पिछले कुछ दिनों से ‘ब्रेन इन्फार्क्ट’ (मस्तिष्क पक्षाघात) और मल्टी-ऑर्गन फेलियर जैसी गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रहे थे, उन्हें आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान करते हुए हवाई मार्ग से नागपुर रैफर किया गया। आयुष्मान कार्ड धारक होने के कारण पीड़ित परिवार को यह जीवन रक्षक हवाई एंबुलेंस सेवा पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की गई। मौसम की खराबी के कारण बदला गया रूट, बुधनी से भरी उड़ान जानकारी के अनुसार, मरीज की अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए बुधवार को परिजनों ने आयुष्मान योजना के तहत एयर एंबुलेंस के लिए आवेदन किया था। जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए कुछ ही घंटों में आवश्यक स्वीकृतियां जारी कर दीं। पूर्व निर्धारित योजना के तहत हेलीकॉप्टर को नर्मदापुरम के एसपीएम केंद्रीय विद्यालय मैदान स्थित हेलीपैड पर लैंड करना था। परंतु, क्षेत्र में लगातार हुई तेज बारिश के कारण मैदान पर अत्यधिक पानी भर गया और रनवे उड़ान के अनुकूल नहीं रहा। ऐसी आपात स्थिति में नर्मदापुरम और सीहोर जिला प्रशासन ने आपसी समन्वय स्थापित कर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की। सीहोर जिले के बुधनी स्थित ट्राइडेंट कंपनी के पक्के हेलीपैड को इस ऑपरेशन के लिए चुना गया। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मात्र 75 मिनट में पहुँचे नागपुर गुरुवार सुबह करीब 11:15 बजे पीएम श्री एयर एंबुलेंस का विशेष हेलीकॉप्टर बुधनी हेलीपैड पर उतरा। इससे पूर्व, नर्मदापुरम के निजी अस्पताल से मरीज रामगोपाल टोकसे को जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा निर्मित विशेष ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के माध्यम से अत्यंत सुरक्षित तरीके से एंबुलेंस द्वारा बुधनी हेलीपैड तक लाया गया। तमाम चिकित्सा मानकों और जीवन रक्षक प्रणालियों (लाइफ सपोर्ट सिस्टम) की निगरानी में दोपहर 11:30 बजे हेलीकॉप्टर ने नागपुर के लिए उड़ान भरी। महज 1 घंटे 15 मिनट (75 मिनट) का सफर तय कर दोपहर 12:45 बजे हेलीकॉप्टर नागपुर पहुंचा। जहां मरीज को तुरंत उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान में उपचार हेतु भर्ती कराया गया। प्रशासनिक मुस्तैदी और अधिकारियों का रहा विशेष सहयोग इस जटिल और समय-संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने में नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा और सीहोर कलेक्टर के निर्देशानुसार दोनों जिलों के प्रशासनिक व स्वास्थ्य अमले ने निरंतर मुस्तैदी दिखाई। इस पूरे अभियान के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नरसिंह गहलोत, अपर कलेक्टर (ADM) अनिल जैन, डिप्टी कलेक्टर बबिता राठौर, सिविल सर्जन डॉ. सुधीर विजयवर्गीय, आरएमओ डॉ. गजेंद्र यादव, डॉ. शिवेंद्र चंदेल, बुधनी तहसीलदार ललित सोनी, प्रशासनिक प्रतिनिधि नितेश राठौर, स्थानीय राजस्व अमला, पुलिस बल और डॉक्टरों की विशेष टीम मौके पर तैनात रही। अधिकारियों ने सूझबूझ से विषम मौसम में भी इस ऑपरेशन को बिना किसी बाधा के पूरा कराया। परिजनों ने जताया आभार परिजनों ने संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार की आयुष्मान योजना और जिला प्रशासन की त्वरित कार्यप्रणाली के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि समय पर एयर एंबुलेंस की सुविधा मिलने से मरीज को गोल्डन ऑवर (सटीक समय) में उचित इलाज मिलना संभव हो सका है।

