
नर्मदापुरम् / आरक्षी केन्द्र सिवनी मालवा का अपराध कमाक 0173/22 धारा 302,201,34, भारतीय दण्ड संहिता 1860 एवं धारा 3(2) (v), 3(2) (va) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 में के आधार पर पंजीबद्ध प्रकरण एससीएटीआर-73/2022 में दिनांक 24.06.2026 को विशेष न्यायालय द्वारा अंतर्गत धारा 14(1) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 नर्मदापुरम् विशेष, न्यायाधीश मनोज कुमार के न्यायालय में निर्णय पारित किया गया। जिसमें अभियुक्तगण सालकराम एवं सोनू उर्फ सोहर को धारा 302 सहपठित धारा 34 एवं धारा 3(2) (v) के तहत आजीवन कारावास 10,000-10,000 रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया । प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक विशेष न्यायालय (एट्रोसिटीज) सत्येन्द्र सिंह पटेल द्वारा की गई।
घटना इस प्रकार है कि दिनांक 27.03.2022 को पुलिस कंट्रोल रूम नर्मदापुरम् में मोबाईल पर ग्राम हिरणखेडा में मुक्की गौर के खेत में शव पड़े होने की सूचना प्राप्त होने पर तस्दीक हेतु पहुंचे और देखा मुक्की उर्फ महेश गौर के खेत में हिरणखेडा टप्पर पर रहने वाले जगदीश धुर्वे का शव खेत की मेढ पर पड़ा था। उसकी गर्दन में धारदार हथियार से मला काटना दिख रहा था और उसके दोनों हाथ गमछे से पीछे बंधे हुए थे। मृतक के पुत्र बलीराम धुर्वे से पूछताछ कर देहाती नालसी लेख की गई। जिसमें फरियादी बलीराम ने बताया कि वह ग्राम हिरणखेडा से लगे टप्पर में रहता है तथा उसके साथ उसकी मां ताराबाई व पिता जगदीश रहते है। कल दिनांक 26.03.22 को सुबह 10-11 बजे उसके पिता हिरनखेडा राशन लेने का कहकर गये थे। जिन्होंने रात्रि 8.00 बजे बब्लू कंजर की दारू की दुकान पर दारू पी थी उसके बाद घर नहीं पहुंचे। आज सुबह ऋषभ गौर उसे मोटरसाईकिल से मुक्की उर्फ मुकेश गौर के खेत लेकर गया जहां उसने देखा कि उसके पिता जगदीश मुक्की गौर के खेत की मेढ़ के पास मरे पड़े है, उनकी गर्दन में किसी हथियार की चोट पहुंचाकर मार डाला है। गर्दन आधी कटी हुई डली थी दोनो हाथ पीछे की ओर बंधे थे। उसके पिता को कल रात हिरनखेडा से घर जाते समय किसी अज्ञात व्यक्ति ने गला काटकर मार डाला है। रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही की जाये। विवेचना के दौरान जय अम्बे पेट्रोल पंप जाकर उसके सीसीटीवी केमरे चेक किए जाने पर दिनांक 26.03.22 की राशि 21.18 बजे मृतक जगदीश जैसा व्यक्ति हाथ में थैला लिये जाता दिखा उसके पीछे दो व्यक्ति जाते दिखे। संदेह होने पर संतोष व जमील खां को बुलाकर वीडियो दिखाया गया जिन्होने मृतक जगदीश व उसके पीछे जाने वाले दो व्यक्तियों को सालकराम लोहार व सौनू उर्फ सोहन गौर के रूप में पहचाना। जिसका पहचान पंचनामा तैयार किया गया तथा सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए गए। सालकराम एवं सोनू उर्फ सोहन गौर की तलाश पतारसी कर दिनांक 29.03.22 को थाने लाकर पूछताछ कर उनके मेमोरेण्डमलेख किए गए । सालकराम ने अपने मेमोरेण्डम में पुरानी रंजिश को लेकर सोनू उर्फ सोहन गौर के साथ मिलकर लोके के दराते से लगदीश धुर्वे की हत्या करना बताया गया। सालकराम की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का दराता तथा घटना के समय पहने गये कपडे जप्त किए गए तथा आरोपीगणों को गिरफ्तार किया गया। फरियादी की सूचना के आधार पर अपराध क्रमांक 173/22 धारा 302,201,34, भारतीय दण्ड संहिता 1880 एवं धारा 3(2) (v) 3 (2) (va) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत अपराध दर्ज किया गया। जिसका अभियोग पत्र विशेष न्यायालय नर्मदापुरम् के समक्ष पेश किया गया जहां प्रकरण का विचारण किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से 23 साक्षियों के कथन कराए एवं 38 दस्तावेजों एवं जप्तशुदा 29 सामग्रियों को न्यायालय के समक्ष प्रमाणित कराया गया। इस आधार पर माननीय विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार द्वारा आरोपीगणों को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया।

