
नर्मदापुरम / ऑटो यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह में बताया कि पूर्व में ऑटो रिक्शा के फिटनेस की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध थी, जिसे बदलकर अब भोपाल आरटीओ कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के कारण हमारे गरीब और मध्यमवर्गीय ऑटो चालकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है, समय की बर्बादी हो रही है और हाईवे पर ऑटो ले जाने में सुरक्षा का जोखिम भी बना रहता है।
इसी गंभीर विषय को लेकर आज ऑटो यूनियन जिला नर्मदापुरम के तत्वाधान में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। हमने मांग की है कि चालकों के हित में इस अनावश्यक परेशानी को तुरंत समाप्त किया जाए और फिटनेस की सुविधा पुनः नर्मदापुरम में ही बहाल की जाए।
हम ऑटो चालकों के अधिकारों और उनकी रोजी-रोटी की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर और संघर्षरत रहेंगे।
बता दें कि किसी भी कॉमर्शियल वाहन के फिटनेस के लिए भोपाल जाना पड़ रहा है, जबकि पूर्व में समस्त कॉमर्शियल वाहनों का फिटनेस नर्मदापुरम जिला मुख्यालय पर ही परिवहन विभाग द्वारा किया जा रहा था। अगर किसी पचमढ़ी निवासी को अपने कॉमर्शियल वाहन की फिटनेस कराना है तो उसे भी भोपाल जाना पड़ता है। जिससे पचमढ़ी से भोपाल 200 किलोमीटर है एवं वापस पचमढ़ी 200 किलोमीटर यानी 1 दिन में उसे व्यक्ति 400 किलोमीटर चलना पड़ेगा। जिससे कि उसके ऊपर डीजल का आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। जिससे उसका काफी खर्च हो जायगा, इस बात को देखते हुए शासन को भी जिला मुख्यालय पर ही प्रत्येक कमर्शियल गाड़ी की फिटनेस हो ऐसी व्यवस्था करना चाहिए।

