

नर्मदापुरम / पर्यावरण संरक्षण और मां नर्मदा के प्रति अपनी आस्था को प्रकट करते हुए अखिल भारतीय कायस्थ समाज मातृशक्ति एवं पुरूष द्वारा रविवार को स्थानीय चित्रगुप्त घाट पर एक वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। पदाधिकारियों ने घाट परिसर, सीढ़ियों और फर्श की झाड़ू लगाकर गहन सफाई की। घाट के आसपास फैले प्लास्टिक, सूखे पत्तों और अन्य कचरे को एकत्रित कर नगर पालिका द्वारा निर्धारित डस्टबिन में डाला गया, ताकि मां नर्मदा के दर्शन और स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस मौके पर भजन गायिका श्रीमती आशा राजपूत ने भी झाड़ू थामकर श्रमदान किया। उन्होंने कहा कि, “मैं स्वयं को परम सौभाग्यशाली मानती हूँ कि मुझे पतित पावनी मां नर्मदा की सेवा और साफ-सफाई के इस पावन अभियान में शामिल होने का अवसर मिला। मां नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हम सभी की जीवनदायिनी और हमारी संस्कृति की पहचान हैं। हमारा यह नैतिक कर्तव्य है कि हम इनके आंचल को मैला न होने दें और घाटों को सदैव सुंदर, स्वच्छ और पवित्र बनाए रखें।”श्रीमती राजपूत ने कायस्थ समाज की मातृशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि मातृशक्ति द्वारा पिछले तीन-चार वर्षों से निरंतर चलाया जा रहा यह अभियान समाज के हर वर्ग के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है। इस मौके पर सुमन वर्मा ने कहा कि जल ही जीवन है, और इस जीवन को बचाए रखने के लिए हमें प्लास्टिक मुक्त घाटों का संकल्प लेना होगा। इस अभियान का संदेश हर घर तक पहुँचना चाहिए। प्रमुख समाजसेवी श्रीमती सुमन वर्मा ने स्वच्छता अभियान और मां नर्मदा के संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा, मां नर्मदा की स्वच्छता केवल एक दिन का औचित्य नहीं, बल्कि हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा होनी चाहिए। जल ही जीवन का आधार है और इस जीवनदायिनी नदी को स्वच्छ रखना हम सभी का परम दायित्व है।
मोक्षदायिनी मां नर्मदा के घाटों को स्वच्छ रखना नैतिक कर्तव्य…..
वरिष्ठ सदस्य सुनील राय ने कहा, मां नर्मदा केवल एक जलधारा नहीं हैं, बल्कि यह हमारी संस्कृति, अध्यात्म और संपूर्ण क्षेत्र के अस्तित्व का आधार हैं। ऐसी पावन और मोक्षदायिनी नदी के घाटों को स्वच्छ बनाए रखना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। आज का यह सामूहिक श्रमदान मां नर्मदा के प्रति हमारी सच्ची कृतज्ञता है और हमें इस प्रकार के आयोजनों को निरंतरता देनी होगी ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी भी जल और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बन सके।”
सामूहिक प्रयास से ही संभव है पर्यावरण संरक्षण…..
समाज के प्रबुद्ध जन अभियान के दौरान समाज के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कायस्थ समाज हमेशा से वैचारिक और सामाजिक चेतना का अग्रदूत रहा है। आज का यह अभियान केवल सांकेतिक नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का एक प्रयास है। घाटों को साफ रखने से न केवल धार्मिक भावनाएं सुरक्षित रहती हैं, बल्कि जलीय जीवों और नदी के पारिस्थितिक तंत्र की भी रक्षा होती है। समाज ने संकल्प लिया कि आगामी समय में भी यह अभियान पूरी निरंतरता और बड़े पैमाने पर जारी रहेगा।
अभियान में इनकी रही सराहनीय उपस्थिति…….
इस स्वच्छता अभियान और श्रमदान कार्यक्रम में कायस्थ समाज के अनेक गणमान्य नागरिक और मातृशक्ति उपस्थित रही, जिनमें मुख्य रूप से बैंक सेवानिवृत्ति अधिकारी विजय वर्मा मातृशक्ति जिला अध्यक्ष ज्योति अभय वर्मा, अशोक वर्मा, सी बी खरे सुनिल राय, गुड्डू वर्मा, लालता प्रसाद मंजू श्रीवास्तव, प्रीति खरे, सुमन वर्मा, गायिका आशा राजपूत, रितु श्रीवास्तव, अनीता वर्मा, ममता तिवारी, रश्मि सक्सेना, जानकी, आदिती वर्मा, सुनीता श्रीवास्तव एवं गुनगुन खरे, साई वर्मा सहित भारी संख्या में समाजजन शामिल हुए और इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया।

