
नर्मदापुरम / सिवनी-मालवा / सिवनी मालवा के चार वर्ष पुराने चर्चित मॉब लिंचिंग मामले में 14 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद राष्ट्रीय बजरंग दल गौसेवकों के समर्थन में खुलकर सामने आया है। संगठन ने ऐलान किया है कि वह दोषी ठहराए गए सभी लोगों की ओर से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ेगा और उन्हें हर संभव विधिक सहायता उपलब्ध कराएगा।
परिजनों से मुलाकात कर दिया भरोसा……
सोमवार शाम राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारी सिवनी मालवा स्थित तिवारी धर्मशाला पहुँचे। यहाँ उन्होंने सजा प्राप्त लोगों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और ढांढस बंधाया। संगठन के पदाधिकारियों ने परिवारों को आश्वस्त किया कि वे हाईकोर्ट में अपील दायर कर जमानत दिलाने और न्याय दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे।
प्रेस वार्ता में दी जानकारी…..
इस अवसर पर राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रान्तीय मंत्री जगवीर सिंह ने प्रेस वार्ता कर बताया कि “गौसेवक समाज और धर्म की रक्षा के लिए निस्वार्थ भाव से काम करते हैं। 4 साल पुराने इस मामले में जिन्हें सजा हुई है, वे सभी गौरक्षा के लिए निकले थे। संगठन का विधि प्रकोष्ठ अब पूरे मामले का अध्ययन कर हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी करेगा।”
क्या है पूरा मामला……
यह मामला अगस्त 2022 का है। सिवनी मालवा के बाराखाड़ गांव के पास गौवंश से भरे कंटेनर को रोकने के दौरान हुई झड़प में ट्रक ड्राइवर शेख लाला नजीर अहमद की मौत हो गई थी। कोर्ट ने इसे मॉब लिंचिंग मानते हुए 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
संगठन का पक्ष……
राष्ट्रीय बजरंग दल का कहना है कि गौसेवकों ने कानून हाथ में नहीं लिया, बल्कि अवैध गौतस्करी रोकने का काम किया था। संगठन ने मांग की है कि गौहत्या और गौतस्करी के असली आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही कहा कि गौरक्षा कानून के तहत गौसेवकों को मिले अधिकारों की रक्षा के लिए हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
सजा पाए लोगों के परिजनों ने राष्ट्रीय बजरंग दल के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि संगठन के आने से उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।

