
सिवनी मालवा / भारतीय किसान संघ किसान हित में निरंतर संघर्ष करनें वाला एकमात्र गैरराजनैतिक एंव राष्ट्रवादी संगठन है, जो किसान संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए समय समय पर शासन प्रशासन को अवगत कराता रहता है । वर्तमान में किसान कई समस्याओं से जूझ रहा है
बैंक से नगद राशि नहीं मिलना……
किसानों को सरकारी व निजी बैंको द्वारा नगद राशि नहीं दी जा रही जो दी भी जा रही है तो 10 से 20 हजार रू तक दी जा रही जिससे किसानों को अर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में किसानों का किसानी कार्य निरन्तर चल रहा है मूग की कटाई एंव धान की रोपाई सहित सोयाबीन, मक्का फसलों की बुवाई की तैयारी किसान कर रहे है ऐसे में शासन ने तुगलती फरमान जारी कर दिया है कि किसानों को डीजल केन में या कुप्पियों में डीजल नहीं दिया जाएगा किसानों का ट्रेक्टर खेतों में निरन्तर काम करता है ऐसे में बार बार ट्रेक्टरों को पेट्रोल पम्प तक लाना संभव नहीं है। इसलिये डीजल वितरण व्यवस्था पूर्व की भाँति की जावे। तथा 200 लीटर प्रति दिन की बाध्यता खत्म की जावे या प्रति ट्रेक्टर के साथ 200 लीटर डीजल की बेरल में दिया जाए कई पेट्रोल पम्पों पर नगद राशि में ही डीजल दिया जा रहा है, फोन पे, डेबिट कार्ड को स्वीकार नहीं किया जा रहा है जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीजल के साथ 1 से 5 लीटर आईल जबरदस्ती दिया जा रहा है।
मूंग पंजीयन की तिथि बढ़ाई जाए…..
समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग के पंजीयन की तिथि बढ़ाई जाए। समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन की मात्रा 5 क्विनटल एकड़ की जाए। जिससे किसान अपनी सम्पूर्ण उपज शासन को बेच सके व औने पौने दामों में मंडियों में बेचने पर मजबूर न होना पड़े। मक्का, धान, सोयाबीन के सीजन को दृष्टिगत रखते हुए डी.ए.पी. एंव यूरिया की व्यवस्था करके खाद का वितरण सहकारी समितियों से किया जाए। खाद टोकन में पहले टोकन बूक होने के बाद 3 दिन का समय दिया जाता था। जो आज कल 1 दिन का कर दिया गया है, जिसके कारण डी.एम.ओ काउंटर पर अधिक भीड़ रहती है। जिससे सभी किसानों को खाद नहीं मिल पाता है। कभी कभी सर्वर काम नहीं करने के कारण टोकन व्यर्थ हो जाता है। जिससे प्रति टोकन किसान को 100 रू का नुकसान होता है, जो टोकन बुक करते समय आनलाईन वालो को दिये थे। इसलिये पूनः टोकन बुक होने के बाद 3 दिन का समय दिया जाए। यह कि शहर के अधिकांश प्राईवेट खाद विक्रेताओं ने खाद रखना बहुत ही कम कर दिया है। इसके कारण बानापुरा डी.एम.ओ पर अत्यधिक भीड़ रहती है भीड़ के कारण कई किसानों को टोकन पर खाद नहीं मिल पाता है, इसलिय बानापुरा डी.एम. ओं में 3 से 4 काउटर खोले जाए। व शिवपुर, बाघबाड़ा डी.एम.ओ गोदाम पर भी काउटर शुरू किया जाए। रवि उपार्जन में भुगतान से वंचित किसानों का शीघ्रता से भुगतान किया जाए। रेवले अडर ब्रिज पर जगह जगह पानी भरा हुआ है वहा पर पानी की निकासी की जाए जिससे अवागमन हो सके इसमें रेलवे गेट न0 217 पर स्थित अडर ब्रिज अत्यधिक पानी भरा हुआ है जिससे किसानों व रहगीरों को आने जाने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है रेलवे अधिकारियों को बार बार सूचित करने के बाद भी वह पानी की निकासी नहीं करवा रहे है।
अमानक खाद पर प्रतिबंध लगाया जाय…..
शहरी क्षेत्र की खाद की दुकानों पर अमानक खाद जैविक खाद के नाम पर बेचा जा रहा है व ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रक, पीकप गाँव में ला कर नगद में किसानों को नकली खाद डी.ए.पी अप्शन पर बेचा जा रहा है। लगभग पिछले वर्ष भी लगभग 40 ट्रक खाद शहरी क्षेत्र के दुकानों के मध्यम से व ग्रामीण क्षेत्रों में घुम घुम कर बेचा गया था इस वर्ष भी बेचा जा रहा है इस पर कृषी विभाग मोन है। इन समस्याओं का निराकरण 2 दिवस के भीतर किया जाए अन्यथा भारतीय किसान संघ किसान हित में उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी संपूर्ण जबाबदारी शासन प्रशान की रहेगी।

