
सिवनी मालवा / ‘जल है तो कल है, जल ही जीवन है और यदि जल सुरक्षित है तो हमारा कल सुरक्षित है।’ इसी संदेश के साथ विकास खंड सिवनी मालवा के ग्राम पंचायत कोटलाखेड़ी में “जल गंगा संवर्धन अभियान 2026″ के अंतर्गत कलश यात्रा निकाली गई। विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जल संरक्षण, पानी की बचत और शुद्ध पेयजल के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
अधिकारियों ने दी जल शोधन और परीक्षण की लाइव ट्रेनिंग…..
कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) उपखंड सिवनी मालवा की टीम और प्रशासनिक अधिकारियों ने विशेष रूप से शिरकत की।
दवाई डालने और पानी को पीने योग्य बनाने की विधि…
सहायक यंत्री उमेश कोडले द्वारा उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी दी गई कि कुओं, बावडियों और अन्य जल स्रोतों (नालों/जल संचयों) में किस प्रकार सही मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर या अन्य शोधक दवाएं डालकर पानी को बैक्टीरिया-मुक्त और पीने योग्य बनाया जाता है।
फील्ड टेस्टिंग किट से पानी की जाँच….
पीएचई विभाग की लैब केमिस्ट निकिता धनवारे ने ग्रामीणों के सामने ही फील्ड टेस्टिंग किट (FTK) के माध्यम से पानी की शुद्धता और उसकी गुणवत्ता (Quality) जाँचने का सजीव प्रदर्शन (Live Demonstration) किया।
जल संरक्षण ही उज्ज्वल भविष्य का आधार – जनपद सदस्य….
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत सदस्य शेर सिंह दरबार ने कहा कि पानी की एक-एक बूंद बेहद कीमती है। उन्होंने ग्रामीणों से पानी की बर्बादी रोकने की अपील करते हुए नारा दिया कि—”जल सुरक्षित है, तो कल सुरक्षित है।” उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है।
विभाग की पूरी टीम रही मुस्तैद……
इस जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में पीएचई विभाग के उपयंत्री मोहम्मद इलियास कुरैशी, हैंडपंप तकनीशियन राजेंद्र सिंह उइके, शंभू सिंह तत्काल, राजेंद्र कुमार श्रोती सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीण जनों व बच्चों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम के अंत में सभी ने जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और पानी बचाने का संकल्प लिया।

