

नर्मदापुरम / 8 से 10 जून तक शाम को पश्चिम आकाश मे खूबसूरत और दुर्लभ खगोलीय नजारा दिखने जा रहा है । हमारे सौर मंडल के दो सबसे चमकदार ग्रह शुक्र या वीनस और बृहस्पति या जुपिटर आकाश में एक-दूसरे के बेहद करीब आने जा रहे हैं। अंतरिक्ष में होने वाली इस घटना को खगोलविज्ञान में कंजक्शन कहा जाता है ।
नेशनल अवार्ड प्राप्त खगोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने इस संबंध में जानकारियां देते हुये बताया कि दोनो ग्रह 8 जून को पास आना शुरू होंगे और 9 जून को एक-दूसरे के सबसे ज्यादा नजदीक या पीक कजक्शन पर होंगे ।
सारिका घारू ने बताया कि ब्रह्मांड में ये ग्रह एक-दूसरे से करोड़ों किलोमीटर दूर हैं, लेकिन पृथ्वी से देखने पर इनका लाइन-ऑफ-साइट संरेखण ऐसा होगा कि ये लगभग आपस में मिलते हुए दिखाई देंगे। इस दौरान मंगलवार शाम दोनों ग्रहों के बीच की कोणीय दूरी या एंगुलर डिस्टेंस घटकर मात्र 1.5 से 1.6 डिग्री रह जाएगी।
इसे समझने का आसान तरीका यह है कि यदि आप अपने हाथ को सीधा फैलाकर आसमान की तरफ छोटी उंगली उठाएंगे, तो दोनों ग्रह उस एक छोटी उंगली की चौड़ाई के पीछे छिप सकेंगे।
सारिका ने बताया कि इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए टेलीस्कोप की जरूरत नहीं है आप इसे सूर्यास्त के ठीक बाद पश्चिम आकाश की ओर देखें। इस मिलन में इवनिंग स्टार कहा जाने वाला शुक्र ग्रह सबसे तेज सफेद रोशनी के साथ चमकेगा, जबकि उसके ठीक पास सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति अपनी पीली-सफेद आभा बिखेरता नजर आएगा।
सारिका ने यह भी जानकारी दी कि इस घटना के बाद 11 से 15 जून की अवधि में में बुध ग्रह भी इस कतार में शामिल हो जाएगा जिससे पश्चिम के आसमान में एक सुंदर प्लैनेट परेड दिखाई देगा। इसके बाद 16 और 17 जून को हंसियाकार चंद्रमा भी इनके करीब आकर इस दृश्य की खूबसूरती में चार चांद लगाएगा।
तो हो जाईये तैयार इस सप्ताह शाम के समय कुछ पल निकालकर प्रकृति और अंतरिक्ष के इस अनोखे और मनमोहक दृश्य का आनंद लेने के लिेये ।

