
नर्मदापुरम / बाल श्रम की रोकथाम और बच्चों को शोषण से बचाने के उद्देश्य से नर्मदापुरम के गैरिज लाईन क्षेत्र में जिला टास्क फोर्स द्वारा संयुक्त जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। श्रम विभाग के नेतृत्व में पुलिस, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभाग के सहयोग से संचालित इस अभियान के दौरान एक संस्थान से बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 14 वर्ष तक के बच्चों को किसी भी प्रकार के कार्य में लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष तक के किशोरों को खतरनाक श्रेणी के कार्यों जैसे खाने, ज्वलनशील पदार्थों, विस्फोटकों और अन्य परिसंकटमय प्रक्रियाओं में नियोजित करना कानूनन अपराध है। श्रम निरीक्षक सुश्री सरिता साहू ने बताया कि बाल श्रम कराना संज्ञेय अपराध है। नियम तोड़ने वाले नियोजक को न्यूनतम छह माह से दो वर्ष तक का कारावास या 20,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना, अथवा दोनों सजाएं हो सकती हैं।
भ्रमण के दौरान न्यू गैरिज लाईन स्थित इन्दौर इंजिनियरिंग वर्क्स में एक बाल श्रमिक कार्यरत पाया गया। तत्काल अधिनियम के तहत विमुक्ति की कार्रवाई की गई। मुक्त कराए गए बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस संयुक्त कार्रवाई में श्रम निरीक्षक सुश्री सरिता साहू, ललिता मेहरा SJPU, कोतवाली थाना से प्रधान आरक्षक भुजराम सिंह, आरक्षक मंजू मसकोले, बाल कल्याण अधिकारी रहीस पटैल, महिला बाल विकास विभाग से मलखान यादव, पवन गोहते एवं भूपेन्द्र यादव शामिल रहे।

