
नर्मदापुरम / इटारसी /जिले सहित पूरे क्षेत्र में कल ईद-ए-ग़दीर का पर्व श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें ग़दीर-ए-ख़ुम की ऐतिहासिक घटना पर प्रकाश डाला जाएगा।
समाजसेवी आरिफ खान चिश्ती ने बताया कि ईद-ए-ग़दीर इस्लामी इतिहास का एक महत्वपूर्ण पर्व है। मान्यता के अनुसार, हज से वापसी के दौरान ग़दीर-ए-ख़ुम नामक स्थान पर पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि व आलिहि व सल्लम) ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए हज़रत अली (अलैहिस्सलाम) का हाथ उठाकर कहा था, “जिसका मैं मौला हूँ, अली उसके मौला हैं।” इस ऐतिहासिक घोषणा को दुनिया भर में लाखों मुसलमान श्रद्धा के साथ याद करते हैं।
उन्होंने कहा कि ईद-ए-ग़दीर केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भाईचारे, न्याय, नेतृत्व, मानवता और आपसी सम्मान का संदेश देने वाला अवसर भी है। इस दिन लोग एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं, दुआओं और धार्मिक सभाओं का आयोजन करते हैं तथा जरूरतमंदों की सहायता कर सामाजिक एकता को मजबूत करने का प्रयास करते हैं।
जिला नर्मदापुरम में भी ईद-ए-ग़दीर के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समाज के लोगों से प्रेम, सद्भाव और एकता बनाए रखने की अपील की गई है।
समाजसेवी आरिफ खान चिश्ती ने जिलेवासियों को ईद-ए-ग़दीर की अग्रिम मुबारकबाद देते हुए कहा कि यह पर्व इंसानियत, भाईचारे और अच्छे चरित्र के मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है।

