
भोपाल / पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा वर्ष 2024 के के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार हेतु अनुशंसा सूची जारी की गई है। यह सूची पुलिस विभाग की उस मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें पुलिसकर्मियों के कार्य, उनकी कर्तव्यनिष्ठा, साहसिक कार्रवाई, अपराध नियंत्रण में भूमिका तथा फील्ड स्तर पर प्रभावी पुलिसिंग को आधार बनाया जाता है।
जारी पत्र के अनुसार परम विशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत चयनित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नामों पर नियमानुसार सहमति प्रदान की गई है। यह पूरी प्रक्रिया विभागीय समीक्षा, सेवा रिकॉर्ड तथा कार्य निष्पादन के विस्तृत मूल्यांकन के बाद संपन्न की जाती है, ताकि केवल उत्कृष्ट और उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को ही इस सम्मान के लिए आगे बढ़ाया जा सके।
इस वर्ष कुल पाँच पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी इस अनुशंसा सूची में शामिल किए गए हैं, जो रतलाम, ग्वालियर, नर्मदापुरम तथा भोपाल स्थित एटीएस इकाई से संबंधित हैं।
इस सूची में रतलाम जिले से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर जिले से अपराध शाखा के उप पुलिस अधीक्षक, नर्मदापुरम जिले से कोतवाली थाना प्रभारी तथा भोपाल एटीएस इकाई से दो आरक्षक स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। इन सभी का चयन उनके कार्यक्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, जांच एवं संवेदनशील परिस्थितियों में प्रभावी भूमिका के आधार पर किया गया है।
विशेष रूप से नर्मदापुरम कोतवाली थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर का नाम इस सूची में उल्लेखनीय रूप से सामने आया है। उनके कार्यकाल के दौरान कोतवाली क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अपराध नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा परिस्थितियों के अनुसार त्वरित और संतुलित निर्णय लेने की क्षमता को विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया है।
वे फील्ड स्तर पर लगातार सक्रिय रहकर परिस्थितियों का आकलन करते हैं और मौके पर ही निर्णय लेने की कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। जनसंपर्क आधारित पुलिसिंग, आम नागरिकों के बीच विश्वास स्थापित करना तथा थाना स्तर पर अनुशासन और टीमवर्क को मजबूत करना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएं मानी गई हैं।
के एफ रुस्तमजी पुरस्कार पुलिस सेवा में दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित सम्मान है, जो उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन सामान्य अपेक्षाओं से आगे बढ़कर किया हो। यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र में उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी माना जाता है।
समग्र रूप से यह अनुशंसा सूची पुलिस विभाग में कार्य-आधारित मूल्यांकन और उत्कृष्ट सेवा को औपचारिक मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे जमीनी स्तर पर बेहतर पुलिसिंग को प्रोत्साहन मिलता है।

