
नर्मदापुरम / गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘स्व सहायता समूह’ (SHG) अब रसूखदारों के लिए लाखों-करोड़ों की काली कमाई का जरिया बनती जा रही है। नर्मदापुरम जिले की पिपरिया तहसील के ग्राम खिरिया सेमरी से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है, जहां कागजों पर गरीब महिलाओं का समूह बनाकर उनकी आड़ में 1000 क्विंटल से अधिक सरकारी धान ठिकाने लगा दिया गया। इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि क्षेत्र का एक दबंग वेयरहाउस संचालक बताया जा रहा है, जो पहले भी कई बार प्रशासनिक कार्रवाई के राडार पर आ चुका है।
साजिश का ताना-बाना…..
घरेलू नौकरानियों के नाम पर बनाया समूह अंदरूनी सूत्रों और शिकायत के मुताबिक, इस पूरे खेल की पटकथा बेहद शातिर तरीके से लिखी गई। रसूखदार लोगों ने अपने ही घरों और खेतों में मजदूरी करने वाली अत्यंत गरीब और अनपढ़ महिलाओं को बहला-फुसलाकर किरन स्वसहायता समूह’ (ग्राम पुनोर) का गठन करवा दिया। मकसद साफ था—सामने इन गरीब महिलाओं का चेहरा रहेगा, तो प्रशासन की नजरें तिरछी नहीं होंगी और पर्दे के पीछे से मलाई खुद काटी जाएगी। आज जब लाखों रुपये का घपला सामने आया है, तो असली खिलाड़ी भूमिगत हो गए हैं और कानूनी कार्रवाई की तलवार इन बेकसूर मजदूर महिलाओं की गर्दन पर लटक रही है।
दिसंबर-जनवरी की बिलिंग में बड़ा खेल……
1000 क्विंटल धान पार! मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब मां शारदा वेयरहाउस’ (खिरिया सेमरी) परिसर में बनाए गए उपार्जन केंद्र के रिकॉर्ड खंगाले गए। समूह की अध्यक्ष कमोद बाधरे के अनुसार, वेयरहाउस संचालक भूरालाल रघुवंशी ने दिसंबर और जनवरी के महीनों में बड़े पैमाने पर धान की बिलिंग कराई थी। लेकिन जब भौतिक सत्यापन (Physical Verification) की नौबत आई, तो केंद्र से लगभग 1000 क्विंटल से ज्यादा धान का स्टॉक गायब मिला। बाजार मूल्य के हिसाब से यह घोटाला लाखों रुपये का आंका जा रहा है।
चौथी बार भी बच निकला, अब पांचवीं बार दी बड़ी वारदात को अंजाम…..
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल जिला प्रशासन और विपणन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। आरोपी वेयरहाउस संचालक भूरालाल रघुवंशी पर आरोप है कि वह इससे पहले भी चार बार गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं कर चुका है। हर बार सांठगांठ या राजनीतिक रसूख के बल पर वह बच निकलता रहा, जिसके चलते उसके हौसले इतने बुलंद हो गए कि उसने इस बार सीधे गरीब महिलाओं को मोहरा बनाकर ‘धान घोटाला’ कर डाला।
कलेक्टर, एसपी और जिला प्रभारी के पाले में गेंद, सख्त कार्रवाई का इंतजार……
मामले की गंभीरता को देखते हुए किरन स्वसहायता समूह की अध्यक्ष कमोद बाधरे ने हिम्मत दिखाते हुए सीधे नर्मदापुरम पुलिस अधीक्षक (SP), जिला कलेक्टर और उपार्जन केंद्र जिला प्रभारी श्रीमती नीता खरे को मय दस्तावेजों के लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि इस पूरे सिंडिकेट की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच एजेंसी वेयरहाउस के पिछले रिकॉर्ड और वर्तमान स्टॉक का बारीकी से मिलान करे। बेकसूर मजदूर महिलाओं को इस कानूनी पचड़े से बाहर निकालकर, मुख्य साजिशकर्ता भूरालाल रघुवंशी पर धोखाधड़ी और सरकारी संपत्ति के गबन का मामला दर्ज किया जाए। सीधी बात (बयान) मां शारदा वेयरहाउस का संचालक भूरालाल रघुवंशी शातिर तरीके से पहले भी 4 बार गड़बड़ियां कर चुका है। उसी के दबाव और दखल से दिसंबर-जनवरी की बिलिंग हुई और अब 1000 क्विंटल से ज्यादा धान गायब है। हमारे समूह की गरीब महिलाओं को फंसाया जा रहा है।
इनका कहना……
हमने कलेक्टर, एसपी और जिला प्रभारी नीता खरे को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की है। जांच होने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”
कमोद बाधरे, अध्यक्ष – किरन स्वसहायता समूह (ग्राम पुनोर)।

