
नर्मदापुरम / हर्षवर्धन मौर्य निवासी बालागंज ने पुलिस अधीक्षक को एक पत्र लिखा जिसमें उल्लेख किया कि उज्जैन से मेरी माँ दिनांक 13/05/2026 को रात्रि 12 बजकर 41 मिनिट पर अपने शहर नर्मदापुरम ट्रैन नंबर 18233 के माध्यम से आई। माता जी के चलने में असमर्थ होने तथा विलचेयर पर होने की वजह है, स्टेशन नर्मदापुरम के पास खड़े सवारी ऑटो चालक के माध्यम से अपने निज निवास बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सामने सतरास्ता नर्मदापुरम तक आई। लगभग 1000 मीटर तक आई। उक्त ऑटो का नंबर एम पी 05 आर 4033 है। उक्त ऑटो चालक द्वारा 1000 मीटर की दूरी का किराया तीन सवारी का कुल राशि 150/- लिया गया। क्या अपने शहर नर्मदापुरम में ऑटो चालक के लिए कोई नियम लागू नहीं है। क्या इसी तरह से शहर मे यातायत कर रहे आमजनो से मनमाना किराया बसूला जाता है। इसके साथ ही शहर नर्मदापुरम में ऑटो चालक द्वारा लाउड स्पीकर में गाना बजाया जाता है। सड़क पर चल रही लड़कीयो को कटमार कर छेड़ा जाता है। मनमाना किराया बसूला जाता है। तेज रफतार से ऑटो चलाया जाता है। कृपया ऑटो चालक के लिए रेट रिस्ट जारी की जावे। नियम लागू किये जावे जिससे शहर में किसी अन्य व्यक्ति को इस मनमानी बसूली से राहत मिल सके तथा इस मंहगाई के समय जब भारत के प्रधानमंत्री द्वारा घर के वाहन को कम चलाने के लिए अपील की गई है। इसी अपील को देखते हुए शहर में चल रहे यातायत के साधन ऑटो चालको के लिए उचित रेट लिस्ट आपकी ओर से जारी की जावे। जिससे कोई भी ऑटो चालक किसी भी व्यक्ति से मनमाना किराया बसूली न कर सके तथा नियमानुसार ऑटो चालाकर अपने शहर के यातायात के लिए योगदान दे।
अन्य शहरो की तरह अपने नर्मदापुरम शहर में भी प्रीपेड ऑटो बूथ रेलवे स्टेशन पर बनाया जाए तथा वहां पर एक आरक्षक तैनात किया जावे जो ऑटो नंबर की पर्ची और किराया लिखकर यात्रियों को देकर सहयोग करे। इससे यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। ऑटो चालक द्वारा दुर्व्यव्हार करने पर उस ऑटो चालक के ऊपर तुरंत कार्यवाही हो सके। उक्त पत्र की एक प्रति क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, यातायात प्रभारी एवं एसडीओपी पुलिस को भी प्रेषित की गई है।

