नर्मदापुरम / देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में पाँच देशों की विदेश यात्रा पर गए थे। इस दौरान उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री गीओर्जिया मेलोनी को भारतीय प्रसिद्ध “मेलोडी चॉकलेट” का पैकेट भेंट किया। यह केवल एक साधारण उपहार नहीं था, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आत्मीयता का प्रतीक था।
आज पूरी दुनिया एक आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही है और उसके प्रभाव की आहट हमारे देश में भी महसूस की जा रही है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विदेशी यात्रा के दौरान किसी महंगे विदेशी उपहार के बजाय भारत में प्रचलित एक साधारण घरेलू उत्पाद को भेंट करना अत्यंत प्रेरणादायक संदेश देता है।
हमारी भारतीय सनातनी परंपरा में यह मान्यता रही है कि जब परिवार या समाज आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा हो, तब दिखावे और फिजूलखर्ची से बचते हुए सादगी और आत्मनिर्भरता को अपनाया जाए। पुराने समय में भी जब लोग किसी रिश्तेदारी या मेहमानी में जाते थे, तो घर में बने उत्पाद, मिठाइयाँ या स्थानीय वस्तुएँ ही भेंट स्वरूप ले जाया करते थे। इससे आत्मीयता भी बनी रहती थी और स्थानीय उत्पादों को सम्मान भी मिलता था।
इसी परंपरा का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मेलोडी चॉकलेट भेंट करना भारतीय संस्कृति, सादगी, स्वदेशी भावना और आर्थिक संयम का प्रतीक माना जा सकता है। यह संदेश देता है कि छोटे और स्थानीय उत्पाद भी विश्व मंच पर भारत की पहचान बन सकते हैं।
यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि आत्मनिर्भर भारत की भावना केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे दैनिक जीवन और व्यवहार में भी झलकनी चाहिए।
उक्त दिख रही प्रधानमंत्री मेलोनी की कलाकृति अन्न के दानों से योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ग्राम सुपरली, जिला नर्मदापुरम मध्यप्रदेश द्वारा बनाई गईं है।

