
सिवनी मालवा / डॉ. सुरेन्द्र कौशल द्वारा बताया गया कि सी पी आर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) एक आपातकालीन जीवन रक्षक प्रक्रिया है, यह तब की जाती है जब किसी व्यक्ति की हृदय गति रुक जाती है (कार्डियक अरेस्ट) या वह सांस लेना बंद कर देता है, जब दिल धड़कना बंद कर देता है, तो मस्तिष्क में ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक जाती है। सीपीआर सीने को दबाकर (चेस्ट कंप्रेशन) रक्त को पंप करता है, जिससे मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचती रहती है और गंभीर क्षति से बचाव होता है, इससे चिकित्सा सहायता पहुँचने तक (एम्बुलेंस आदि) सी पी आर तुरंत शुरू करने से व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। दिल रुकने के मात्र 3 से 6 मिनट के भीतर मस्तिष्क की मृत्यु शुरू हो सकती है, तत्काल सीपीआर इस प्रक्रिया को धीमा करके मरीज की जान बचाने का ‘गोल्डन पीरियड’ देता है।

