नर्मदपुरम / समाजसेवा, कला, साहित्य, संस्कृति को सर्मपित संस्था नर्मदा आव्हान सेवा समिति नर्मदापुरम द्वारा इस बार उत्तराखंड में माँ गंगा के तट पर स्थित हरिद्वार जो हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। इसका नाम हरि’ (भगवान विष्णु) और ‘द्वार’ (प्रवेश द्वार) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है “ईश्वर का द्वार” में अखिल भारतीय काव्य महोत्सव एवं सम्मान समारोह 30-31 मई को आयोजित किया जाएगा।
संयोजक केप्टिन किशोर करैया ने बताया कि देश के विभिन्न प्रांतों से 50 कवयित्रियों को आंमत्रित किया गया है। भारत की समृद्ध साहित्यिक विरासत और कला को जीवित रखने की दिशा में यह हमारा प्रयास निरंतर जारी है। देश के सुप्रसिद्ध रचनाकार अपनी ओजस्वी वाणी, हास्य-व्यंग्य और श्रृंगार रस की कविताओं से साहित्य की अद्भुत छटा बिखेरेंगे।
संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हंस राय ने बताया कि उक्त आयोजन मे जनप्रतिनिधियों, समाजसेवीयो एंव वरिष्ठ साहित्यकारों को आंमत्रित किया गया है। श्री करैया ने बताया कि आयोजन काव्य पाठ उपरांत सभी कवयित्रियों को अतिथियों की उपस्थिति मे समिति स्मृति चिन्ह एवं साहित्य मनीषी सम्मान से अंलकृत किया जायेगा।

