
नर्मदापुरम / आनंद विभाग और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में सभी जिलों के शासकीय शिक्षकों के लिए आनंद सभा कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है । इसी क्रम में राज्य आनंद संस्थान भोपाल में 18 मई से 23 मई 2026 को राज्य स्तरीय सार्वभौमिक मानवीय मूल्य आधारित (UHV) आनंद सभा का प्रशिक्षण गुना, ग्वालियर, सीधी जिले के शिक्षक प्रशिक्षनार्थियों को राज्य आनंद संस्थान के डायरेक्टर सत्य प्रकाश आर्य के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पांचवे दिवस लोक शिक्षण संचालनालय से अपर संचालक डॉ. मनीष शर्मा का मार्गदर्शन प्रशिक्षणार्थियों को प्राप्त हुआ। डॉ. वर्मा ने कहा कि हमें अपने दायरे को सीमित ना कर विशाल करना होगा। भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुंबकम पर आधारित है अर्थात पूरा विश्व मेरा परिवार है। हमें दृष्टिकोण व्यापक करने की जरूरत है। शिक्षक केवल विद्यालय के लिए नहीं है, हम शिक्षक राष्ट्र के हैं । जब हम देश के निर्माण के लिए समर्पित होंगे तो बच्चे भी देशभक्त बनेंगे, उनका चरित्र निर्माण होगा। अपने को संकुचित सोच या छोटे फ्रेम में ना बांधे तो आप देखेंगे कि आपको आनंद की अनुभूति होती है। व्यक्ति अधिक कार्य करने से नहीं थकता कार्य को बोझ समझकर करने से थकता है। जब हम स्वयं को समझेंगे तो हमारे मानवीय मूल्यों में व्यापक परिवर्तन होंगे। हमें आवश्यकता है अपने दृष्टिकोण को बदलने की। महावीर स्वामी ने कहा है कि महावीर वो नहीं जो दूसरों से लड़ता है, महावीर वह है जो स्वयं से लड़ता है और आनंद को प्राप्त करता है। NEP 2020 में मूल्य आधारित शिक्षा को प्रमुखता से रखा गया है। इसके पूर्व कार्यशाला में प्रशिक्षणर्थियों से फीडबैक लिया गया। कार्यशाला के चौथे दिवस में मानव, परिवार, समाज आधारित मानवीय मूल्यों पर आधारित है।

