




नर्मदापुरम / साथी जनशिक्षण एवं संस्कृति समिति नर्मदापुरम द्वारा कथक नृत्य, श्री रामायण नृत्य नाटिका, लोक नृत्य एवं लोक/शास्त्रीय गायन का ग्रीष्मकालीन प्रस्तुतिपरक 10 दिवसीय भव्य प्रशिक्षण शिविर का आयोजन का भव्य शुभारंभ नर्मदा महाविद्यालय में किया गया। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम में कार्यशाला एवं प्रशिक्षण शिविर दिनांक 21 मई से से प्रारंभ होकर 30 मई 2026 तक किए जाएगा। ये कार्यशाला शा. नर्मदा महाविद्यालय नर्मदापुरम के विशेष सहयोग से महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में सायं 4.00 बजे से सायं 7.00 बजे तक प्रतिदिन की जाएगी। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि लखनऊ से आमंत्रित तनुजा ओली, अवंतिका शर्मा तथा डॉ. रामकुमार चौकसे प्राचार्य नर्मदा महाविद्यालय डॉ. कमल वाधवा, पं. रामसेवक शर्मा, आचार्य हरिओम मिश्रा, कमल झा एवं जयसिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके उपरांत आलाप म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों अनुश्री सोनी, रक्षा कहार, नितिन बोरासी और गौतम द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई तथा सुरवाणि संस्था के छात्र समुख दीवान एवं कुशाग्र सैनी ने तबला वादन कर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। सभी अतिथियों का शाल, पुष्प माला, समृति चिन्ह और उत्तराखण्ड की कुमाउनी टोपी पहनाकर सम्मान किया गया। प्राचार्य श्री चौकस द्वारा उद्बोधन किया गया। कार्यक्रम समन्वयक तनुजा ओली द्वारा कलाकारों का प्रस्तुति हेतु चयन किया गया। इस दौरान कार्यशाला में बहुत ही उत्साह के साथ प्रतिभागी सम्मिलित हुए। मोहित श्रीवास्तव, राजीव दुबे, भावना विश्वकर्मा, राकेश चौहान, यशिका दुबे, पूर्वी नगराइच, रुचि खंडेलवाल, रेवा तिवारी, अभिषेक अहिरवार, पवन यादव एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए। कार्यशाला निर्देशक रत्नेश साहू द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया गया।

