
नर्मदापुरम् / थाना देहात के अपराध अंतर्गत धारा 103,238 (ए) भान्यासं शासन विरुद्ध सेवंती धुर्वे पत्नि राजू धुर्वे में सत्र न्यायाधीश नर्मदापुरम् के न्यायालय में आज दिनांक 21-मई-2026 को निर्णय पारित किया गया। जिसमें आरोपीं सेंवती धुर्वे पत्नि राजू धुर्वे को धारा 103 बीएनएस के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 2000 के अर्थदंड एवं धारा 238 बीएनएस के अंतर्गत तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रूपये के अर्थदंड से दडित किया गया। अर्थदंड की राशि अदायगी में व्यतिकम पर कमशः 90-30 दिवस के सश्रम कारावास भुगताए जाने के आदेश दिए गए। प्रकरण अभियोजन की तरफ से पैरवी शैलेन्द्र कुमार गौर लोक अभियोजक शासकीय अभिभाषक द्वारा की गई ।
लोक अभियोजक श्री गौर द्वारा बताया गया कि अभियोजन प्रकरण के अनुसार घटना दिनांक 07.10.2025 को सूचनाकर्ता रंगलाल चौहान के द्वारा पुलिस थाना देहात नर्मदापुरम् में देहाती नालसी इस आशय की लेख करायी गई कि वह ग्राम खातेगांव थाना रोशनी जिला खंडवा का रहनेवाला है और ग्राम रोहना में सुधीर सिंह चौहान के खेत पर काम करता है, उसके साथ उसका चचेरा भाई राजू धूर्वे भी काम करता था। राजू धूर्वे अपनी पत्नि बच्चों के साथ सुधीर चौहान के खलियान में रहकर काम कर रहा था । दिनांक 06.10.2025 को शाम 6 बजे करीब उनके खेत मालिक सुधीर सिंह चौहान के घर ग्राम रोहना से रंगलाल चौहान के साथ मृतक राजू धुर्वे तथा संतोष धुर्वे तीनो खलिहान पर आये थे। फिर रंगलाल चौहान नर्मदापुरम चला गया था, रात्रि 09 बजे जब वह वापस आया तो देखा कि राजू धूर्वे बहुल ज्यादा शराब के नशे में था फिर उसने उसके खेत मालिक सुधीर सिंह चौहान को फोन लगाकर सूचना दी कि राजू धुर्वे बहुत नशे में है। फिर सुधीर सिंह चौहान खेत पर आये और उन्होने राजू धुर्वे को समझाया कि शराब ज्यादा मत पीया कर और समझाकर चले गए। दिनांक 07.10.2025 को सुबह 6.30 बजे करीब खेत मालिक राजू धुर्वे को गाय लगाने का कहने आये और उन्होने आवाज लगायी तो कमरे से उसकी पत्नि अभियुक्ता बाहर आई और बताया कि राजू तो सुबह 4 बजे कही चला गया और वह भी बच्चों के साथ अपने घर जाएगी। फिर रंगलाल चौहान खेत मालिक के साथ उनके घर गाय लगाने चला गया था। दोपहर करीब 1 बजे के आसपास रंगलाल चौहान वापस आया और बच्चो के लिये अमरूद तोडने लगा, तो धान के खेत में उसे कोई व्यक्ति औंधे मुह पडा दिखा, पास जाकर देखा तो वह राजू धुर्वे था। इस बात की सूचना उसने खेत मालिक सुधीर सिंह चौहान को दी और खेत मालिक ने थाने पर सूचना दी। उक्त सूचना के आधार पर देहाती नालसी लेखबद्ध की गई। अनुसंधान पूर्ण कर प्रकरण में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया ।
विचारण के दौरान अभियुक्ता को अभिरक्षा में लेकर उसका मेमोरण्डम कथन लेख किया गया। अभियुक्ता द्वारा सुधीर चौहान के खेत में से अपने कमरे के सामने बने बाथरूम के फर्श से निकालकर अपराध में प्रयुक्त की गई हसिया, मृतक के कपडे इत्यादि जप्त कराए गए। माननीय न्यायालय ने विचारण के दौरान अभियोजन साक्षी के कथन लेखबद्ध कराए। जिससे अभियोजन की कहानी का अधिक बल मिला बचाव पक्ष अपना पक्ष रखने में असफल रहा। इस कारण भान्यासं की धारा 103 के अंतर्गत अपराध न्यूनतम रूप से आजीवन कारावास के दंड से दंडित किया गया ।

