
इटारसी / न्यास कॉलोनी में लोग पिछले कई महीनों से बदबूदार एवं कथित सीवेज मिश्रित पानी पीने को मजबूर हैं, जबकि नगर पालिका प्रशासन को समस्या की जानकारी होने के बावजूद आज दिनांक तक स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है। बढ़ती शिकायतों के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण किया गया, जहां बड़ी संख्या में रहवासी उपस्थित रहे और उन्होंने अधिकारियों को मौके पर वास्तविक स्थिति दिखाई।
रहवासियों ने CMO को बताया कि प्रतिदिन सुबह सप्लाई के समय शुरुआत में गंदा एवं बदबूदार पानी आता है, जिसमें सीवेज जैसी दुर्गंध महसूस होती है। कई नागरिकों ने अपने घरों में आ रहे दूषित पानी को अधिकारियों को मौके पर दिखाया तथा पानी लाकर जांच करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान CMO के साथ पहुंचे राजा मालवीय को स्थानीय नागरिकों ने कहा कि “आप स्वयं यह पानी पीकर देखिए।” इसके बाद उन्होंने पानी का स्वाद लिया एवं स्वयं यह स्वीकार किया कि पानी में गंध एवं बदबू महसूस हो रही है। मौके पर उपस्थित रहवासियों ने लगातार मांग उठाई कि समस्या का केवल निरीक्षण नहीं बल्कि स्थायी समाधान किया जाए।
अधिवक्ता सिद्धार्थ महेश आर्य ने मौके पर कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का निजी मामला नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य एवं पूरे क्षेत्र से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि जब CMO द्वारा यह कहा गया कि “यदि वास्तव में सीवेज का पानी आ रहा होता तो न्यास के लोग नगर पालिका को शांतिपूर्वक नहीं रहने देते”, तब इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि न्यास कॉलोनी में शिक्षित एवं जागरूक परिवार निवास करते हैं। कई लोगों ने मजबूरी में अपने निजी ट्यूबवेल खुदवा लिए हैं एवं घरों में ARO सिस्टम लगवा लिए हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि समस्या समाप्त हो गई है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को नागरिकों की सहनशीलता पर प्रश्न उठाने के बजाय जनस्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जल आवर्धन/मुख्यमंत्री पेयजल योजना के अंतर्गत क्षेत्र में नई पाइपलाइन डालने हेतु सड़कें खोदी गईं, लेकिन आज दिनांक तक अधिकांश पाइपलाइनें चालू नहीं की गईं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नागरिकों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे योजनाओं की गुणवत्ता एवं क्रियान्वयन पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
रहवासियों ने यह भी कहा कि पानी के टैंकर किसी भी स्थिति में स्थायी समाधान नहीं हो सकते। शासन एवं आयुक्त स्तर से पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि नगर पालिकाएं ऐसी व्यवस्था करें जिससे भविष्य में टैंकर चलाने की आवश्यकता न पड़े, लेकिन इसके बावजूद इटारसी में अब भी अस्थायी व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों में बच्चों एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर भय का वातावरण बना हुआ है। रहवासियों ने पीलिया, पेट संबंधी संक्रमण एवं अन्य जलजनित बीमारियों की आशंका भी व्यक्त की है।
सिद्धार्थ वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा बताया गया कि न्यास कॉलोनी से दूषित पानी के नमूने एकत्रित कर भोपाल स्थित प्रयोगशाला में जांच हेतु भेजे गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात आवश्यक वैधानिक एवं न्यायालयीन कार्यवाही की जाएगी।
फाउंडेशन ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए एवं दोषी पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
दूषित पेयजल की शिकायतों के बाद न्यास कॉलोनी पहुंचीं CMO एवं अधिकारी, रहवासियों ने मौके पर बताई समस्या और दिखाया बदबूदार पानी।

