
नर्मदापुरम / धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण फैसले पर भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ पदाधिकारी एवं समाजसेवी डॉ अखिलेश खंडेलवाल ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे सनातन आस्था और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का ऐतिहासिक क्षण बताया है। डॉ. खंडेलवाल ने कहा कि हाई कोर्ट ने अपने फैसले में भोजशाला को मंदिर मानते हुए हिन्दू समाज को पूजा-अर्चना का अधिकार प्रदान किया है। यह निर्णय करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और वर्षों से चली आ रही मांग की जीत है। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा धार्मिक भावनाओं के सम्मान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि भोजशाला केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और सनातन परंपरा का प्रतीक है। न्यायालय के इस निर्णय से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत होगा। डॉ. अखिलेश खंडेलवाल ने सभी श्रद्धालुओं और सनातन प्रेमियों को इस ऐतिहासिक निर्णय की बधाई देते हुए कहा कि देश की संस्कृति और आस्था की रक्षा के लिए समाज को सदैव एकजुट रहना चाहिए

