
सिवनी मालवा / शासकीय कुसुम स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिवनी मालवा जिला नर्मदापुरम में सोमवार को विज्ञान संकाय एवं स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वाधान में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार रघुवंशी के मार्गदर्शन में ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ मनाया गया । इस अवसर पर महोदय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह तिथि यूं ही नहीं चुनी गई। वर्ष 1998 में इसी दिन पोखरण में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के अंतर्गत भारत ने तीन सफल परमाणु परीक्षण कर विश्व को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, तकनीकी आत्मविश्वास और राष्ट्रीय सामर्थ्य का बोध कराया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. ए के यादव ने विद्यार्थियों को बताया कि इसी दिन स्वदेशी विमान ‘हंस-3’ ने सफल उड़ान भरी, तो स्वदेशी ‘त्रिशूल’ मिसाइल का परीक्षण भी हुआ। तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार है। इस विशेष कार्यक्रम मे शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा के डॉ. मनीष दीक्षित मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस केवल विज्ञान की उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक है,भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीशियनों की प्रतिभा, नवाचार और अथक परिश्रम ने राष्ट्र को तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, आपकी बुद्धिमत्ता, अनुसंधान और समर्पण से भारत आज वैश्विक मंच पर विज्ञान, रक्षा, अंतरिक्ष और डिजिटल क्रांति में गौरवपूर्ण पहचान बना रहा है, आइए, नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण का संकल्प और अधिक मजबूत करें l वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.सुनील कुमार सोनी ने कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए बताया कि हमें अपने वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत और समर्पण को याद करते हुए गर्व हो रहा जिसके परिणामस्वरूप 1998 में पोखरण में सफल परीक्षण हुए। वह ऐतिहासिक क्षण भारत की वैज्ञानिक उत्कृष्टता और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गई है। इस अवसर पर महाविद्यालय स्टाफ में डॉ. मोहन सिंह गुर्जर, कमल सिंह अहिरवार, श्रीमती विजयश्री मालवीय, डॉ. रश्मि सोनी, डॉ. नवनीत कुमार सोनारे श्रीमती अंजलि भट्ट, डॉ. रेखा पटेल, डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. निधि छीपा, अरुणेश चौहान एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

