
नर्मदापुरम / वैशाख माह की पूर्णिमा हिंदू धर्म में सबसे पुण्यदायी और श्रेष्ठ बताई गई है, इस पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है, इस पूर्णिमा पर गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। इसलिए इस पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व है, पूर्णिमा पर अन्न, जल, कुंभ, गुड, वस्त्र आदि दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इसी उपलक्ष्य में स्थानिय सेठानी घाट स्थित, माँ नर्मदा भोग सेवा समिति ने नर्मदा स्नान करने आये भक्तों को शीतल शरबत प्रसादी का वितरण किया, यह कार्यक्रम विगत पांच वर्षो से प्रत्येक पूर्णिमा, अमावस्या एवं मुख्य पर्वों पर आयोजित किया जाता रहा है। इस समय संस्था के संरक्षक हँस राय, अध्यक्ष विवेक चौकसे, पं. लवलेश शर्मा, योगेश राठौर, रितेश शर्मा, प्रकाश गुप्ता, मधुर शिवहरे, जयसिंह यादव, मनोज मालवीय, हितेश कुमार, साजन हेमनानी, डॉ शुभम दुबे, अतुल चौकसे, श्यामु नायक, अर्जुन ठाकुर, अतुल मालवीय, शिवम शर्मा, चिंटू राठौर, राम यादव, सौरभ पटवा, सचिन शर्मा, भुवनेश मेश्कर, सौरभ तिवारी, गौरव पटवा, आयुष दुबे, अनमोल चौकसे, पंकज रैकवार आदि सदस्य उपस्थित थे।

