नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान अग्रणी महाविद्यालय एवं हार्टफुलनेस हैदराबाद के मध्य एमओयू के अन्तर्गत महाविद्यालय की संरक्षक एवं प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन के दूरदर्शी होने के परिणामस्वरूप छात्राओं के व्यक्तित्व विकास हेतु ध्यान के माध्यम से सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट सर्टिफिकेट कोर्स दिनांक 08/12/2025 से हार्टफुलनेस संस्था के द्वारा पांच दिवसीय स्टार्टअप कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें महाविद्यालय की विभिन्न संकाय की लगभग 65 छात्राओं ने लाभ प्राप्त किया। हार्टफुलनेस संस्था के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम से छात्राओं में सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। आज के समय में मानसिक स्थिरता की अत्यंत आवश्यकता है और इस उद्देश्य की पूर्ति हार्टफुलनेस ध्यान द्वारा संभव है। उन्होंने कहा कि आज समाज को परिवर्तन की आवश्यकता है। इस परिवर्तन में हार्टफुलनेस संस्था का योगदान निशुल्क रूप से दिया जा रहा है । हार्टफुलनेस संस्था का उद्देश्य व्यक्ति में भीतर से परिवर्तन करके बाहरी व्यक्तित्व को विकसित करना है । इस आंतरिक परिवर्तन में प्रार्णाहुति सहायता करती है जो दिव्य ऊर्जा है और मनुष्य के रूपांतरण हेतु उपयोग की जाती है। कार्यशाला का शुभारम्भ आठ दिसंबर को महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन एवं हार्टफुलनेस संस्था के जोनल समन्वयक और प्रशिक्षक डॉ. कमल वाधवा प्राध्यापक गणित शासकीय नर्मदा महाविद्यालय की गरिमामयी उपस्तिथि में हुआ। इस दौरान डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की महाविद्यालय की प्रभारी डॉ. श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. श्रीकांत दुबे, डॉ. श्रीमती भारती दुबे, डॉ. श्रीमती संगीता पारे, डॉ. श्रीमती वर्षा भिंगारकर, डॉ. श्रीमती निशा रिछारिया, श्रीमती प्रीति ठाकुर, डॉ. श्रीमती मनीषा तिवारी, ईशा शास्त्री आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य ने छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुये कहा कि वर्तमान जीवन को देखते हुये उन्हें मानसिक दृढ़ता और आंतरिक शक्ति की बहुत जरुरत है जो पढ़ने और सुनने के स्थान पर कुछ करके ही मिल सकती है। इस कार्यशाला में सैद्धांतिक और प्रायोगिक दोनों विधाओं का प्रयोग किया जायेगा। छात्राओं को आशीर्वचन प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
पाँच दिवसीय कार्यशाला के मुख्य विषय कनेक्ट, कोर, चॉइस, कॉज़ेलिटी और कम्युनिटी थे। जिन्हें हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों डॉ. कमल वाधवा, डॉ. योगेश खंडेलवाल, विनय पालीवाल ने प्रस्तुत किया। प्रायोगिक सत्र में ध्यान का अभ्यास हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों श्रीमती आभा वाधवा और अमित गोपलानी के द्वारा कराया गया। इस कार्यशाला के फ़ॉलोअप सत्र प्रत्येक सोमवार को आयोजित किये जायेंगे। छात्राओं ने अपने फीडबैक में बताया कि उन्हें अद्भुत अनुभूति हुई। उन्होंने स्वयं से जुड़ने और आंतरिक रूप से परिचय प्राप्त किया। इसे नियमित करने पर अपनी सहमति भी प्रकट की। इस कोर्स का अंतराल 30 घंटे का रखा गया, जिसमें साप्तहिक कक्षा का आयोजन किया गया। इन कक्षाओं का समापन 16.03.2026 को हुआ। इन कक्षाओं में छात्राओं को समय प्रबंधन, स्वस्थ जीवन, तनाव प्रबंधन, स्वच्छता, योग और व्यायाम, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, पीक परफॉरमेंस, स्व जागरूकता, अपनी आंतरिक क्षमताओं को बढ़ायें, परीक्षा हेतु मानसिक तैयारी आदि जीवन से सम्बंधित विषयों पर गतिविधियों के माध्यम से भीतर विकसित करने का प्रयास हार्टफुलनेस प्रशिक्षक द्वारा किया गया। प्रत्येक कक्षा के अंत ध्यान का अभ्यास बी किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 50 से अधिक छात्राओं ने 75 प्रतिशत उपस्थिति के साथ प्रमाण पत्र प्राप्त किये। महाविद्यालय की प्राचार्य ने युवाओं के लिए हार्टफुलनेस की इस पहल की सराहना की। युवाओं को उचित रास्ता चुनने में संस्था की भूमिका की प्रशंसा की। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं को विकसित करने का यह सत्र लाभकारी है। आध्यात्मिक विकास ही सही सोच, सही समझ और जीवन जीने का ईमानदार दृष्टिकोण देता है।

