महिला स्टाफ में भारी रोष
संस्था के संरक्षण से हो रहा विवाद
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
जनगणना कार्य को लेकर लैंगिक भेदभाव और प्रशासनिक अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। राष्ट्रीय महत्व के जनगणना कार्य में नियुक्त किए गए दो पुरुष प्राध्यापकों और सहायक ग्रेड 3 की मनमानी और उन्हें मिल रहे संस्थागत संरक्षण ने कॉलेज के भीतर विवाद खड़ा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, कॉलेज के प्राध्यापक स्नेहांशु सिंह और रविंद्र कुमार चौरसिया और सहायक ग्रेड 3 हरिशंकर निगोते की ड्यूटी जिला प्रशासन द्वारा जनगणना कार्य हेतु लगाई गई थी। महत्वपूर्ण होने के बावजूद ये दोनों प्राध्यापक प्रशिक्षण सत्रों में शामिल नहीं हुए। इस अनुशासनहीनता पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हैरानी की बात यह है कि जहां प्रशासन इन पर कार्यवाही की तैयारी में है, वहीं कॉलेज के प्राचार्य द्वारा इनका बचाव किया जा रहा है। कॉलेज स्टाफ का आरोप है कि प्राचार्य ‘परीक्षा संपन्न कराने’ का तर्क देकर पुरुष प्राध्यापकों को कॉलेज में ही रोके हुए हैं। यह पूरी तरह अनैतिक है। जब जिम्मेदारी की बात आती है तो महिलाओं को आगे कर दिया जाता है और पुरुष सहयोगियों को नियम ताक पर रखकर बचाया जा रहा है। स्टाफ ने अब इस मामले में जिला कलेक्टर से गुहार लगाने का निर्णय लिया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जनगणना जैसे अनिवार्य कार्य में बाधा डालना नियमों का उल्लंघन है। कार्य आवंटन में महिलाओं और पुरुषों के बीच यह भेदभाव कार्यस्थल की गरिमा के खिलाफ है। प्राचार्य की भूमिका की जांच होनी चाहिए कि वे नोटिस मिलने के बाद भी इन प्रोफेसरों को कार्यमुक्त क्यों नहीं कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन (जनगणना) इस ‘अघोषित संरक्षण’ पर क्या कार्यवाही करता है और क्या इन लापरवाह प्रोफेसरों को फील्ड ड्यूटी पर भेजा जाता है या नहीं।
परीक्षा का ले रहे बहाना
प्रिंसिपल परीक्षा का बहाना ले रहे हैं जिससे जनगणना के कार्य में इनकी ड्यूटी लगी है वह निरस्त हो जाए । जबकि कॉलेज में अधिकांश महिलाओं की ड्यूटी लगा दी गई है जबकि महिलाओं की ड्यूटी कैंसिल करना था, लेकिन प्राचार्य के चाहते होने के कारण प्राचार्य इनकी ड्यूटी कैंसिल करवा रहे हैं और कॉलेज की परीक्षा का बहाना ले रहे हैं।
इनका कहना है
यह राष्ट्रीय कार्य है । इसमें कोई भेदभाव नहीं किया गया है। जिन प्रोफेसर ने ट्रेनिंग नहीं ली है उन्हें नोटिस दिया गया है।
जनगणना अधिकारी इटारसी
कॉलेज में परीक्षा का कार्य चल रहा है। इसके चलते प्रोफेसर की ड्यूटी कैंसिल कराने को लेकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा से मुलाकात की थी। उन्होंने आश्वासन दिया है कि ड्यूटी निरस्त कर दी जाएगी।
आरएस मेहरा
प्रिंसिपल कन्या महाविद्यालय इटारसी

