नर्मदापुरम / सनातन संस्कृति के संवर्धन और संस्कारों के संरक्षण हेतु आचार्य पं. हरिओम मिश्रा के पावन सान्निध्य में भव्य ‘सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार’ समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से यह संपूर्ण कार्यक्रम पूरी तरह से निःशुल्क रखा गया है।
आध्यात्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला……
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः काल प्रायश्चित संकल्प और एक भव्य शोभा यात्रा के साथ होगा। शास्त्रों में वर्णित विधान के अनुसार, बटुकों का दशविधि स्नान संपन्न कराया जाएगा, जिसके पश्चात मंगल वाद्ययंत्रों के बीच मंडप प्रवेश होगा।
आयोजन के मुख्य चरणों में शामिल हैं….
देव पूजन मातृका, गणेश और मंडल पूजन द्वारा देवताओं का आवाहन।
यज्ञ-हवन सप्तऋषि पूजन के साथ पवित्र अग्नि में आहुतियां अर्पित की जाएंगी। दीक्षा बटुकों को विधि विधान से यज्ञोपवीत (जनेऊ) धारण कराकर ‘गायत्री मंत्र’ की दीक्षा दी जाएगी। प्राचीन परंपरा सूर्यनारायण को अर्घ्यदान, प्रतीकात्मक शिक्षा ग्रहण और पारंपरिक भिक्षा भ्रमण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
विद्वान आचार्यों का मार्गदर्शन……
यह अनुष्ठान न केवल धार्मिक है बल्कि एक आध्यात्मिक पाठशाला के समान होगा। मुख्य आचार्य पं. हरिओम मिश्रा के साथ विद्वान सहयोगी आचार्यों की टोली संस्कारों को पूर्ण कराएगी, जिनमें शामिल हैं:
पं. प्रमोद तिवारी, पं. संजय मिश्रा, पं. विकास शर्मा, पं. शुभम तिवारी, पं. दीपक दुबे, पं. पियूष दीक्षित, पं. संजय शर्मा एवं पं. अमित तिवारी। आयोजन समिति ने बताया कि इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य “सत्य सनातन संस्कृति” के प्रति युवाओं को जागृत करना है। आधुनिकता के दौर में अपनी विरासत को सहेजने का यह एक निस्वार्थ प्रयास है, संस्कारों की ओर लौटें। शास्त्रोक्त विधि से धारण करें यज्ञोपवीत। आचार्य पं. हरिओम मिश्रा के सान्निध्य में निःशुल्क आयोजन।

