
सिवनी मालवा / शिक्षा मां के पेट से जन्म नहीं लेती, उसके लिए अनुकूल परिवेश, आर्थिक मानसिक, शारीरिक स्थिति की आवश्यकता होती है शिक्षा ही मानव का सर्वागीण विकास करती है। शिक्षा के बिना मानव का बौद्धिक, शारीरिक मानसिक विकास नहीं होता। यदि किसी बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास है किंतु अर्थ (पैसा) के अभाव में उसकी शिक्षा अधूरी रह जाती है। यह हमारे समाज की कड़वी सच्चाई है। इसी कड़वी सच्चाई को दूर करने के लिए मंगलमय विलास कॉलोनी नर्मदापुरम निवासी समाजसेवी अनंत नारायण दुबे सेवानिवृत्त सिंचाई विभाग ने शास उच्च माध्य विद्यालय सोमलवाडा की कक्षा दसवीं की टॉपर छात्रा अदिति इवने जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं, छात्रा को ₹1001 की राशि द्वारा आर्थिक मदद कर आगे की पढ़ाई हेतु प्रोत्साहित किया। आर्थिक सहायता की राशि संस्था के शिक्षक वीरेंद्र यादव एवं मघु हुरमाडे को प्रदान की। ऐसी सोच रखने वाले समाज में विरले ही होते हैं। जो शिक्षा के महत्व को समझते हैं और आर्थिक रूप से गरीब या बेसहारा बच्चों के लिए आगे आते हैं। संस्था के प्राचार्य राममोहन रघुवंशी तथा सभी शिक्षकों ने समाजसेवी श्री दुबे का आभार व्यक्त किया है।

