

नर्मदापुरम / विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन, न्यायप्रियता और लोककल्याणकारी व्यक्तित्व को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक भव्य “विक्रमोत्सव महानाट्य” का आयोजन किया गया। इस दौरान “मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड” द्वारा “माँ गंगा से नर्मदा तक” थीम पर विविध कार्यक्रम आयोजित कर सांस्कृतिक एकता और पर्यटन को नई दिशा देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में लगाए गए आकर्षक स्टॉल्स में मध्य प्रदेश की संस्कृति, पर्यटन स्थलों, कला और पारंपरिक व्यंजनों की विविधता एक ही स्थान पर देखने को मिली। विशेष “पर्यटन जानकारी पवेलियन” के माध्यम से खजुराहो, सांची, ओरछा और महेश्वर सहित प्रमुख स्थलों की विस्तृत जानकारी आगंतुकों को दी गई। साथ ही बुंदेलखंडी पेंटिंग्स, जनजातीय कला और हैंडलूम-हैंडीक्राफ्ट की प्रदर्शनी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
आधुनिक तकनीक के उपयोग ने भी इस आयोजन को खास बनाया। “VR बॉक्स” के माध्यम से आगंतुकों को मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों का सजीव अनुभव कराया गया, वहीं महाकालेश्वर से जुड़े आध्यात्मिक अनुभवों की डिजिटल प्रस्तुति ने भी दर्शकों को प्रभावित किया। फूड सेक्शन में “माँ की रसोई” के तहत मालवा की थाली, इंदौर का पोहा-जलेबी, एमपी का स्वाद कॉम्बो और कुल्हड़ चाय ने लोगों का मन मोह लिया।
एमओयू से मजबूत होगा धार्मिक पर्यटन, काशी से उज्जैन तक बढ़ेगा जुड़ाव…..
विक्रमोत्सव महानाट्य और लोकनाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध……
कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच “माँ गंगा से नर्मदा तक” थीम पर एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य श्री काशी विश्वनाथ से श्री महाकालेश्वर तक धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को सशक्त बनाना है, जिससे दोनों राज्यों के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश संस्कृत विभाग द्वारा प्रस्तुत “विक्रमोत्सव महानाट्य” में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन, पराक्रम और न्यायप्रियता को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया गया। साथ ही लोकनाट्य प्रस्तुतियों ने मध्य प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से दर्शकों को रूबरू कराया।
कुल मिलाकर, काशी में आयोजित इस भव्य आयोजन ने आस्था, संस्कृति, पर्यटन और स्वाद का अनूठा संगम प्रस्तुत करते हुए मध्य प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाएगा।

