
नर्मदापुरम / नर्मदांचल क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके आंदोलनकारी नेता “धरना किंग” गज्जू तिवारी ने एक बार फिर जनसेवा का उदाहरण पेश किया। अपने पारिवारिक कार्यक्रम के सिलसिले में शौक के लिए ससुराल जाते समय उन्होंने दतिया और भिंड जिलों में चंबल, सिंध नदी के किनारे ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों से मुलाकात की। इस दौरान तिवारी ने किसानों के बीच पहुंचकर उनका हालचाल जाना, उनका दुख-दर्द साझा किया और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने मौके पर ही स्थानीय प्रशासन से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील की। गज्जू तिवारी ने कलेक्टर एवं संबंधित एसडीएम से फोन पर चर्चा कर स्पष्ट कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीति का नहीं, बल्कि किसानों और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कराकर सभी प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की। तिवारी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि एक भी किसान सर्वे और मुआवजे से वंचित रह गया, तो वे आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा “अपनों के लिए तो हर कोई जीता है, लेकिन दूसरों के लिए खड़े होने वाले कम होते हैं।” नर्मदांचल का यह जननेता सिंध नदी एवं चंबल क्षेत्र में भी किसानों के साथ खड़ा नजर आया, जिससे स्थानीय लोगों में सराहना देखी गई। जब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गज्जू तिवारी से बातचीत की गई, तो उन्होंने संक्षेप में कहा, “जब तक मेरे शरीर में जान है, मैं जनसेवा करता रहूंगा।”

