



नर्मदापुरम / पुण्य स्मरण से सौभाग्य बदल जाता है, प्रारब्ध के दोष दूर हो जाते हैं। जिनके नाम में राम जुड़ जाता है वह धर्म और समाज में उनका अलग ही प्रभाव रहता है। शिक्षाविद न्यायविद पं. रामलाल शर्मा कक्काजी एक संत की तरह रहे हैं और संत का कभी अंत नहीं होता है। उनके सुपुत्रों में उनके पूरे परिवार में उनके दिए हुए संस्कार की झलक दृष्ट्रव्य होती है। यह उद्गार धर्माचार्य पं. सोमेश परसाई ने नर्मदा महाविद्यालय में पं. रामलाल शर्मा की भव्य प्रतिमा के समक्ष आयोजित पं. रामलाल शर्मा की पुण्यतिथि पर आयोजित पुण्य स्मरण सभा में पुप्षांजलि अर्पित करते हुए अपने संबोधन में व्यक्त किए। शास. नर्मदा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामकुमार चौकसे ने कहा कि कक्काजी सच्चे अर्थों में कर्मयोगी थे। उनकी कर्मशीलता, धर्मपरायणता, समाजसेवा व शिक्षा के प्रति समर्पण सभी के लिए प्रेरणास्पद है। उनके द्वारा जो नर्मदा महाविद्यालय की स्थापना की जिसमें शिक्षा लेकर अनेक छात्रों नेे अध्ययन करते हुए श्रेष्ठतम स्थान प्राप्त किए हैं। हम सौभाग्यशाली हैं, कि इस महाविद्यालय में सेवा देने का कार्य कर रहे हैं। हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. के जी मिश्र ने कहा कि वास्तव में कक्काजी युगदृष्टा व युगसृष्टा थे। सच्चे अर्थाें में मनुष्य थे, न्याय के मर्म को जानते थे। उनमें उदारता के भी अद्रभुत गुण थे। सर्व समर्थ थे। किसानी और किसानों के हित को भी वह बखूबी निभाते थे। पं. शर्मा के पौत्र डॉ. वैभव शर्मा ने कहा कि दादाजी को मैने देखा तो नहीं लेकिन उनके बारे में जो बताया जाता है उनमें अदम्य शक्ति थी एवं बहुमुखी प्रतिभा के साथ सर्वजन हितेषी थे। डा. हंसा व्यास ने पं. शर्मा के द्वारा किए गए श्रेष्ठ कार्यों के बारे में स्मरण किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिकों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। पुष्पांजलि से पूर्व भजनांजलि का कार्यक्रम हुआ। जिसमें आकाशवाणी की ग्रेडेड गायक कलाकार कु. सिद्धा साई ने भजनों की प्रस्तुति दी। उनके साथ हारमोनियम पर प्राणकृष्ण साई एवं उत्कर्ष तिवारी ने तबले पर संगत की।
पुण्य स्मरण सभा में म. प्र. के पूर्व मुख्य सचिव कृपाशंकर शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पं. भवानी शंकर शर्मा, पूर्व विधायक पं. गिरिजा शंकर शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष वर्तमान विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता एस एस ठाकुर, शंकर लाल पालीवाल, राकेश फौजदार, अधिवक्ता बी के चौहान, पूर्व प्राचार्य डॉ. ओ एन चौबे, डॉ. एल एल दुबे, नगर पालिका अध्यक्ष नीतू यादव, जनपद अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे, सुरेंद्र पटेल अति. शास अधिवक्ता, पीयूष शर्मा, अरूण शर्मा, उपाध्यक्ष अभय वर्मा, पूर्व उपाध्यक्ष प्रमोद सोनी, लोकेश तिवारी, खेमचंद यादवेश, शफीक खान, बलराम शर्मा, विवेक भदोरिया, के के अग्रवाल, अनुराग गोलू तिवारी के साथ ही नर्मदा महाविद्यालय परिवार के प्रोफेसर, एनईएस शिक्षा महाविद्यालय, पं. रामलाल शर्मा स्कूल के प्राचार्य शिक्षक गण, पार्षद पूर्व पार्षद गण, शहर के अनेक अधिवक्ता समाजसेवीएवं बड़ी संख्या में नारीशक्ति व नागरिक शामिल रहे। अंत में सभी ने दो मिनिट मौन रखकर श्रद्वाजंलि दी, संचालन डॉ. हंसा व्यास ने किया ।

