
नर्मदापुरम / थाना सिवनी मालवा पुलिस द्वारा साइबर ठगी के प्रकरण में त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण का सफल खुलासा पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा ने प्रेस वार्ता में किया।
घटना का विवरण इस प्रकार है…
दिनांक 09.02.2026 को शाम करीब 5:30 बजे फरियादी नर्मदा प्रसाद रघुवंशी, पिता दिलीप सिंह, निवासी ग्राम रुपादेह हाल वार्ड क्रमांक 03, इंदिरा कॉलोनी बनापुरा का मोबाइल फोन सिवनी मालवा में बाजार के दौरान कहीं गिर गया था। फरियादी द्वारा मोबाइल तलाशने का प्रयास किया गया, किन्तु मोबाइल प्राप्त नहीं हुआ।
इसके उपरांत फरियादी द्वारा दिनांक 10.02.2026 को नई सिम प्राप्त की गई, जो दिनांक 13.02.2026 को बंद हो गई। दिनांक 13.02.2026 को जब फरियादी एक्सिस बैंक में पैसे निकालने गया, तब उसे ज्ञात हुआ कि उसके खाते से 1,73,000 रुपये अज्ञात व्यक्ति द्वारा निकाल लिए गए हैं। तत्पश्चात एसबीआई बैंक खाते की जांच करने पर उसमें से भी 1,05,000 रुपये निकाले जाना पाया गया। इस प्रकार फरियादी के साथ कुल 2,78,000 रुपये की धोखाधड़ी की गई।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सिवनी मालवा में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
वारदात का तरीका (Modus Operandi):….
आरोपीगण द्वारा फरियादी का मोबाइल फोन प्राप्त करने के पश्चात उसकी सिम एवं बैंकिंग जानकारी का दुरुपयोग किया गया। इसके बाद आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से हरदा जिले के विभिन्न स्थानों छीपाबड़, मालदा एवं हरदा स्थित एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटरों का उपयोग किया।
आरोपी अलग-अलग कियोस्क दुकानों पर पहुंचकर यूपीआई आधारित ट्रांजेक्शन के माध्यम से फरियादी के बैंक खातों से राशि का आहरण करते रहे, जिससे लेन-देन को ट्रैक करना कठिन हो सके। इस प्रकार आरोपियों ने तकनीकी एवं स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए चरणबद्ध तरीके से धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस कार्यवाही:….
मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम् सांईकृष्ण थोटा के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देशन में तथा उप पुलिस अधीक्षक महेन्द्र सिंह चौहान एवं थाना प्रभारी निरीक्षक सुधाकर बारस्कर के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस टीम द्वारा प्रकरण के भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्रित कर आरोपियों को चिन्हित किया गया तथा विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
1. अनुज पिता मोहनलाल यादव, उम्र 44 वर्ष, निवासी ग्राम समनापुर, जिला बालाघाट।
2. आर्यन पिता सागर यादव, उम्र 22 वर्ष, निवासी वार्ड नं. 24 इंदिरा नगर, बालाघाट (वर्तमान पता महासमुंद, छत्तीसगढ़।
3. अंकुश उर्फ नरेंद्र पिता शंकर रहांगडाले, उम्र 20 वर्ष, निवासी रायपुरा महादेव घाट रोड, रायपुर (छत्तीसगढ़)।
ऑनलाइन कियोस्क संचालक (सहयोगी):
1. संदीप साहू, निवासी ग्राम नौसर, थाना टिमरनी, जिला हरदा।
2. राजेश पटनारे, निवासी भटपुरा, थाना सिराली, जिला हरदा।
3. शीष कलम, निवासी छीपाबड़, जिला हरदा।
4. शिव गोपाल मालवीय, निवासी ग्राम मालदा, जिला हरदा एवं एक अन्य।
उक्त कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका थाना प्रभारी निरीक्षक सुधाकर बारस्कर, प्रधान आरक्षक प्रीतम बाबरिया, आरक्षक संदीप यदुवंशी, दीपेश सोलंकी, प्रशांत राजपूत (सायबर सेल), सउनि बलराम सिरसाम, सउनि सुरेश पांडे, आरक्षक सुनील जाट, आरक्षक विजय धार्मिक का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उक्त पुलिस टीम को पुलिस द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।

