
नर्मदापुरम / ग्वालियर / तरूण सिंह अनन्यतः विशेष न्यायाधीश लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम एवं एकादशम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जिला ग्वालियर द्वारा आरोपी आरोपी (1). करू उर्फ भूपेन्द्र सिंह गुर्जर आयु 21 वर्ष, निवासी थाना सुमावली, मुरैना म. प्र. (2). योगेन्द्र गुर्जर आयु 32 वर्ष, निवासी, ग्वालियर म. प्र. (3). सत्यभान सिंह गुर्जर, आयु-23 सुमावली, मुरैना म.प्र को सत्र प्रकरण कंमांक 79/2025 धारा- धारा-5 (एल), 5 (जे) (II) सहपठित धारा 6 पॉक्सो अधिनियम के अधीन 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया एवं एवं पीडिता को 2,00,000 रूपये प्रतिकर एवं छतिपूर्ति राशि 10,000 रूपये प्रदान करने का आदेश पारित किया गया।
अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक श्रीमती प्रसन्न यादव ने घटना के बारे में बताया कि दिनांक 09.03.2025 को दिन के लगभग 12 बजे अभियोक्त्री आयु लगभग “14 वर्ष” घर से चली गई थी और वह घर वापस नहीं आई। अभियोक्त्री तलाश करने पर भी नहीं मिली तब अभियोक्त्री के पिता ने अभियोक्त्री को अभियुक्त भूपेन्द्र द्वारा बहला फुसला कर लेकर जाने की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख कराई जो थाना पुरानी छावनी के अपराध कं. 78/2025 अंतर्गत धारा-1 37 (2) बी.एन.एस. के अधीन पंजीबद्ध की गई। विवेचना के दौरान अभियोक्त्री के घर का (घटना स्थल) का नक्शामौका तैयार किया गया। अभियोक्त्री के माता पिता के कथन लेखबद्ध किए गए। दिनांक 12.03.2025 को गोले का मंदिर चौराहा पर अभियोक्त्री को दस्तयाब कर दस्तयाबी पंचनामा तैयार किया गया। अभियोक्त्री के थाने पर कथन दिनांक 12.03.2025 लेखबद्ध किए गए तथा अभियोक्त्री के न्यायालय में धारा 183 बी.एन.एस.एस. कथन लेख कराए गए। अभियोक्त्री के द्वारा भय के कारण घटना की कोई जानकारी प्रदत्त नहीं की गई। अभियोक्त्री की माता ने आवेदन पत्र दिनांक 17.04.2025 को थाना पुरानी छावनी में प्रस्तुत कर यह सूचना प्रदत्त की कि दिनांक 09.03.2025 को अभियोक्त्री घर से चली गई थी। अमर ज्योति स्कूल के पास अभियुक्त भूपेन्द्र तथा भूपेन्द्र के साथ उसका दोस्त सत्यभान गुर्जर तथा उसका चाचा योगेन्द्र गुर्जर चार पहिया गाड़ी से आए और अभियोक्त्री को घुमाने के लिए बोलकर उसे अपने साथ मुरैना तरफ ले गए। जहां एक सुनसान मकान में अभियुक्त भूपेन्द्र ने कई बार उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया। दिनांक 11.03.2025 को तीनों अभियुक्तगण अभियोक्त्री को गोले के मंदिर पर छोड़ कर चले गए थे। भूपेन्द्र ने अभियोक्त्री को धमकी दी थी उसने गलत काम करने वाली बात किसी को बताई तो उसे जान से खत्म कर देगा। जिस कारण अभियोक्त्री ने अपने माता पिता एवं पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। अभियोक्त्री को मासिक धर्म नहीं आने के कारण अभियोक्त्री के माता पिता ने अभियोक्त्री से पूछतांछ की तब उसने घटना की जानकारी अपने माता पिता को दी। आवेदन पत्र के उपरांत अभियोक्त्री के कथन तथा धारा 183 बी.एन.एस.एस. के कथन लेखबद्ध कराए गए। अभियोक्त्री का चिकित्सा परीक्षण कराया गया।
अभियोक्त्री का चिकित्सा परीक्षण किए जाने पर अभियोक्त्री का गर्भवती होना पाया गया। अभियोक्त्री का गर्भ समापन उपरांत अबोर्टस तथा प्लेसेंटा को जप्त किया गया। अभियुक्त भूपेन्द्र तथा सत्यभान एवं योगेन्द्र के विरूद्ध धारा 64(2), 65 (1), 87, 96 बी.एन.एस. एवं धारा 5/6, 16/17 पॉक्सो एक्ट के अधीन मामला होने से उन्हें गिरफ्तार किया गया। अभियोक्त्री के चिकित्सा परीक्षण के दौरान जप्त प्रदर्श तथा उसके गर्भ समापन के दौरान जप्त अबोर्टस एवं प्लेसेंटा का डीएनए परीक्षण कराए जाने हेतु अभियोक्त्री तथा अभियुक्त भूपेन्द्र का आईडेन्सिफिकेशन फार्म तैयार कर उनका रक्त नमूना संग्रहित कर अभियोक्त्री के चिकित्सा परीक्षण के दौरान जप्त प्रदर्श एवं अभियोक्त्री के गर्भ समापन उपरांत प्राप्त अबोर्टस एवं प्लेसेंटा तथा अभियोक्त्री एवं अभियुक्त भूपेन्द्र के रक्त नमूने को डीएनए जांच हेतु क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला प्रेषित किया गया। अभियोक्त्री की आयु के संबंध में उसका जन्म प्रमाण पत्र जप्त किया गया। साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किए गए। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
माननीय न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी करू उर्फ भूपेन्द्र सिंह गुर्जर को दोषसिद्ध किया गया एवं शेष अन्य आरोपी योगेन्द्र गुर्जर, सत्यभान सिंह गुर्जर को दोषमुक्त किया गया। पीडिता को दो लाख रूपये की प्रतिकर राशि दिये जाने का आदेश पारित किया गया।

