
नर्मदापुरम / नई दिल्ली / महिला सांसदों ने एकजुट होकर बुना साइबर अपराध के विरुद्ध सुरक्षा चक्र; माया नारोलिया ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव
संसद भवन एनेक्सी के समिति कक्ष ‘D’ में वुधवार को भारत सरकार की महिला सशक्तिकरण संबंधी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने समिति की सदस्य के रूप में शिरकत की और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर प्रखरता से अपने विचार साझा किए। बैठक का मुख्य एजेंडा “महिलाओं की साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराध” रहा। वर्तमान डिजिटल युग में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते ऑनलाइन अपराधों को देखते हुए, समिति ने इस विषय पर गहन विचार-विमर्श किया। श्रीमती माया नारोलिया ने चर्चा के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बल दिया जिसमें प्रमुख रूप से जागरूकता अभियान द्वारा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति शिक्षित करने की आवश्यकता। त्वरित न्याय प्रणाली द्वारा साइबर अपराध की शिकार महिलाओं के लिए रिपोर्टिंग और शिकायत निवारण प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाना। सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन कर महिला सुरक्षा के प्रति ऐसी गंभीर पहल से समाज में सुरक्षा का भाव पैदा करने और सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में सतत कार्य करना।
बैठक के दौरान सांसद नारोलिया ने कहा, “आज के युग में महिलाओं का सशक्तिकरण केवल आर्थिक या सामाजिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना भी हमारी प्राथमिकता है। साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनिवार्य कदम है। हमारी सरकार और समिति महिलाओं के विरुद्ध होने वाले हर प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए संकल्पित है।” यह बैठक निश्चित रूप से भविष्य की नीतियों के निर्धारण में मील का पत्थर साबित होगी, जिससे देश भर की महिलाओं को एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण मिल सके ।

