
नर्मदापुरम / अपर सत्र न्यायाधीश, सिवनी मालवा श्रीमति तबस्सुम खान के न्यायालय द्वारा आरोपी रितिक को धारा 9 (एम) सहपठित धारा 10 पॉक्सो एक्ट के तहत 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। मामले मे शासन की ओर से पैरवी अति. शासकीय अधिवक्ता राकेश यादव अपर लोक अभियोजक, सिवनी मालवा द्वारा की गयी।
अभियुक्त का नाम रितिक 9 (एम) धारा 10 पॉक्सो एक्ट सहपठित।
कारावास….
कारावास 05 वर्ष का सश्रम
अर्थदंड….
हजार रूपये) 2000/- (दो
व्यतिकम की दशा…
में कारावास…
03 (तीन) माह का सश्रम कारावास।
अपर लोक अभियोजक राकेश यादव ने बताया कि मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पीडिता ने दिनांक 13.08.2023 को लिखित शिकायत आवेदन पत्र प्रस्तुत कर प्रकट किया है कि उसके गांव का रहने वाला रितिक उसे करीब 01 साल से बुरी नियत से छेड़छाड़ कर परेशान कर रहा है। घटना दिनांक 03.10.2022 को दुर्गा अष्टमी के रात लगभग 09 बजे वह अपने घर से डांडिया लेकर गरबा खेलने जा रही थी, तब रितिक धनवारे उसके घर के सामने रोड़ पर खड़ा था। रितिक ने उससे बोला कि वह उससे प्यार करता है वह उसे अच्छी लगती है। उससे बात करो और उसका बुरी नियत से सीधा हाथ पकड़ लिया। तब उसने मना की और जोर से चिल्लाई तो रितिक उससे कहने लगा अगर उसने यह बात किसी को बताई तो उसे जान से मार देगा, यह कहकर वहां से भाग गया। जब वह स्कूल जाती थी तो स्कूल के सामने रितिक मिलता था और उसे दूर से आंख मारने के इशारे करता था। दिनाक 13.08.023 को सुबह करीब 10.00 बजे वह घर से सामान लेने दुकान जा रही थी तब रितिक उसे दुकान के सामने मिला और उसे दूर से आंख मारकर इशारा करने लगा तब वह डर गई और घर आकर अपने मम्मी, पापा और परिवार को बाते बत्ताई। उक्त कथनों के आधार पर अभियुक्त के विरूद्ध अतर्गत्त धारा 354,354 (क), 506 भादवि एवं 7,8,9,10 पॉक्सो एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर संपूर्ण कार्यवाही उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
अभियोजन द्वारा न्यायालय में कराये गये साक्षियों के कथनों एवं अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर मामले को प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त रितिक को दोषसिद्ध घोषित किया गया एवं पीड़िता को 20,000/- रूपये प्रतिकर राशि के भुगतान हेतु अनुशंसा की गई और रितिक को 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000/-रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

