
नर्मदापुरम / दिनांक 15 मार्च 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय नर्मदापुरम के समीप स्थित हनुमान मंदिर में राज्य शिक्षक संघ के पदाधिकारी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में टीईटी के विरोध प्रदर्शन हेतु रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई कि किस प्रकार से हम माननीय सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका लगाएं और एकजुट का प्रदर्शन करें। संघ के जिला अध्यक्ष उमेश ठाकुर ने बताया कि जो भी दिशा निर्देश हमको प्रांतीय पदाधिकारी के द्वारा दिए जाएंगे उसके अनुरूप हमें एकजुट होकर के काम करना है। प्रदेश सचिव गजेंद्र बछले ने बताया है प्रांतीय कार्यकारिणी के द्वारा मध्य प्रदेश की सरकार से इस संदर्भ में बात की जा रही है। यदि सरकार हमारी ओर से माननीय न्यायालय में पुनर्विचार याचिका लगातो है ठीक होगा। अन्यथा की स्थिति में हम स्वयं भी कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। केसरी सिंह चौहान ने कहा कि हमें एक ऐसी रणनीति तैयार करना होगा जिसमें सभी शिक्षकों को एकत्रित होकर के कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करना होगा तब शायद हम इस परीक्षा से बच सकते हैं। कार्यकारी जिलाध्यक्ष श्री कुंअर सिंह वाडिवा ने कहा कि आपको विदित है कि 2009 में यह कानून बना एवं 2010 से यह कानून लागू हुआ। जिसके तहत 2010 के बाद टीईटी की परीक्षा करने वाले ही शिक्षक बन सकेंगे। परंतु हम 1998 से सेवा दे रहे शिक्षकों को भी इस योजना के दायरे लाकर खड़ा है। इसलिए सभी शिक्षक इसके विरोध में खड़े हो गए हैं। राकेश तिवारी ने कहा कि जब हम नियुक्त हुए थे तब उसे समय नियुक्ति की जितनी भी अहर्ताएं थी सभीं को पूर्ण करने के बाद ही हम शिक्षकों की भर्ती हुई थी। उस समय टीईटी पास के कोई नियम नहीं थे अब 28,30 साल को नौकरी होने के बाद हमारी परीक्षा लेने का फरमान जारी हो रहे है। टी ई टी 2010 के बाद से लागू हुई है तो 2010 के बाद के शिक्षकों पर यह लागू होना चाहिए ना की 2010 से पहले नौकरी लगे हुए शिक्षकों पर थोपना चाहिए। जिन शिक्षकों ने जिन बच्चों को पढ़ाया बे सभी आज विभिन्न विभागों मे अधिकारी के पद पर पदस्थ भी है। उनको जिन्होंने पढ़ाया उनकी परीक्षा लेकर उन्हें अयोग्य समझना न्यायोचित नहीं है । माननीय न्यायालय ने अयोग्य मानते हुए उनकी टीईटी की परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। यह सरासर गलत है सरकार को हमारे समर्थन में माननीय न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करना चाहिए। इस संदर्भ में प्रांतीय कार्यकारिणी के अनुसार ब्लॉक एवं जिला में धरना ज्ञापन देना पड़ेगा, तो हम सभी लोग एकजुट का प्रदर्शन करते हुए धरना ज्ञापन देंगे। समस्त जनप्रतिनिधि विधायक सांसदो को सरकार के संज्ञान में लाते हुए हमारी मांगो पर विचार करते हुए माननीय न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करना चाहिए। बैठक में वरिष्ठ शिक्षक के के पुरोहित, जिला कोषाध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बहुत सारी बातें बताई की, क्या हो सकता है और हमें क्या करना चाहिए । पूर्व ब्लाक अध्यक्ष सिवनी मालवा अजय तिवारी, ब्लॉक अध्यक्ष
सिवनी मालवा विजय राजपूत, ब्लॉक अध्यक्ष नर्मदापुरम ब्लॉक अध्यक्ष गौरीशंकर राजपूत, जिला उपाध्यक्ष संतोष सिंह दीवान, प्रदेश सचिव गजेंद्र बछले, प्रदेश जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा सुषमा मौर्य, योगेंद्र सिंह पटेल ने अपने विचार रखें एवं आगामी रणनीति क्या होगी पर चर्चा की गई। जिला कार्यकारी अध्यक्ष कुंवर सिंह वाडीवा ने सभा कार्यक्रम का संचालन किया आज मुख्य रूप से उमेश ठाकर जिलाध्यक्ष, सुदीप जैवार जिला संयोजक, गजेंद्र बछले प्रांतीय सचिव, कुंअर सिंह वाडिवा, कार्यकारी जिलाध्यक्ष, विजय सिंह राजपूत ब्लॉक अध्यक्ष सिवनी मालवा, के के द्विवेदी, ब्लॉक अध्यक्ष केसला, संजय राय ब्लॉक अध्यक्ष बनखेड़ी, संतोष मीणा ब्लॉक अध्यक्ष माखन नगर, गौरी शंकर राजपूत ब्लॉक अध्यक्ष नर्मदापुरम, योगेंद्र सिंह पटेल, केसरी सिंह राजपूत, राकेश तिवारी, अजय तिवारी, परमसुख गढ़वाल, सुनील उईके, शिवप्रसाद ओंनकर, मंगली प्रसाद बढ़कुर, राजकुमार बिलारे, राजेश नागवंशी, अजय बाजपेई, दिलीप साहू, बृजेश साहू, संजीव सहरिया, दुर्गा प्रसाद कुशवाह, संजय राय, संतोष सिंह दीवान, जिला उपाध्यक्ष, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुषमा मौर्य, अर्पण जोशी, द्रोपति नावरे, मोनिका जोशी, अनिता कुंडू, रामकृष्ण पुरोहित, कृष्ण कुमार उपाध्याय, विक्रम सिंह ठाकुर, रामकृष्ण पटेल, गंगाराम यादव, दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, प्रवीण दुबे, अमरीश दुबे, शाहीन खान, नीता गौर, श्रद्धा शुक्ला, सरला ठाकुर, मोनिका जोशी, सविता दुबे, श्रीमति मालवीय , श्रीमती भाग्यलता, रामकिशन विश्वकर्मा, संजय राय, संजय उइके, सुरेश, अर्जुन सिंह सरयाम, हीरालाल, श्रद्धा शुक्ला, राम लखन वर्मा, कंचन चौधरी, सरला उईके सहित सैकड़ों शिक्षक बैठक में उपस्थित रहे।

