
नर्मदापुरम / संघर्ष, सामाजिक प्रतिबद्धता और युवाओं की आवाज को मुखर करने वाले युवा अधिवक्ता राजू उइके को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद छात्र प्रभाग का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति परिषद के अध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा प्रदान की गई। नियुक्ति की घोषणा के साथ ही नर्मदापुरम जिले सहित आदिवासी समाज और युवाओं में उत्साह का वातावरण देखा गया। सामाजिक सरोकारों से जुड़े राजू उइके लंबे समय से आदिवासी समाज, छात्र-युवाओं के अधिकार और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रूप से कार्य करते रहे हैं।
परिषद के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि राजू उइके के नेतृत्व में संगठन को नई मजबूती मिलेगी और जिले में आदिवासी छात्र-युवाओं को संगठित कर उनके अधिकारों की आवाज को और अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नीरज बारीवा ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी।
समाज के लोगों का कहना है कि राजू उइके ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने संघर्ष और जुझारू व्यक्तित्व के बल पर अलग पहचान बनाई है। वे लगातार गांव-गांव जाकर समाज की समस्याओं को समझते रहे हैं और युवाओं को शिक्षा, अधिकार और सामाजिक जागरूकता के लिए प्रेरित करते रहे हैं। संगठन द्वारा उन्हें सौंपी गई यह जिम्मेदारी केवल एक पद नहीं, बल्कि उस विश्वास की अभिव्यक्ति है जो समाज ने उनके कार्यों और समर्पण को देखते हुए जताया है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में नर्मदापुरम जिले में आदिवासी छात्र-युवाओं के हितों के लिए नए अभियान और जनजागरण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।नर्मदापुरम के इस युवा अधिवक्ता को नई जिम्मेदारी मिलने पर क्षेत्रभर से बधाइयों का सिलसिला जारी है। समाज के विभिन्न वर्गों ने उम्मीद जताई है कि राजू उइके अपने अनुभव और प्रतिबद्धता के बल पर आदिवासी समाज और युवाओं की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे तथा संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

